मोहाली नगर निगम की हाउस की मीटिंग में मंगलवार को पेड पार्किंग के मामले पर जमकर बबाल हुआ। अकाली-बीजेपी पार्षदों ने सत्ताधारी कांग्रेस-आजाद ग्रुप पर जमकर हमला बोला। करीब सवा घंटे तक इसी मुद्दे पर बहसबाजी चलती रही।
आखिर में मेयर कुलवंत सिंह ने पेड पार्किंग के मामले में पांच पार्षदों की कमेटी मौके पर ही गठित की। साथ ही तय किया गया कि कमेटी मार्केटों के प्रधानों व अन्य लोगों से मिलकर इस मामले में बातचीत करेगी। साथ ही पंद्रह दिन अपनी रिपोर्ट निगम में पेश करेगी। उसी आधार पर पार्किंग का आगे का भविष्य तय किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक जैसे ही पेड पार्किंग का ठेका एक साल बढ़ाने का प्रस्ताव आया। इसी दौरान पहले अकाली दल के पार्षद गुरमुख सिंह सोहल ने इसका विरोध शुरू किया। उन्होंने मांग की पेड पार्किंग के ठेके को रद किया जाए। इसी बीच अकाली दल के पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी ने मोर्चा संभाला।
पटवारी की दलील था कि कि पेड पार्किंग के खिलाफ है। लेकिन पार्किंग होनी चाहिए। इसके लिए कोई ऐसा तरीका निकाला जाना चाहिए। जिससे पार्किंग भी बढिय़ा तरीके से चले। साजथ ही लोगों की जेब पर आर्थिक बोझ भी न पड़े। इसके बाद बीजेपी पार्षद अरूण शर्मा, अशोक झा, बॉबी कंबोज, हरदीप सिंह सराओ और साहिबी ने कहा कि उनकी पार्टी शुरू से ही पेड पार्किंग के विरोध में है।
उनकी दलील था कि एक तो निगम ने पेड पार्किंग के लिए कमेटी बनाई है। उसने अपने सुझाबों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। मार्केटों के दुकानदारों का कहना है कि उनसे इस संबंधी कोई राय नहीं नहीं ली गई। इसके बाद कांग्रेस पार्षद कुलजीत सिंह बेदी आगे आए।
उन्होंने कहा कि पेड पार्किंग को सीधे खत्म करने की बजाय कमेटी बनाकर स्टडी करवाई जाए। वहीं, उन्होंने पेड पार्किंग को लेकर वोटिंग तक का सुझाब दे डाला। इसके बाद भी नोक झोक चलती रही। इसी बीच पार्षद वालिया ने कहा कि पेड पार्किंग से लोग परेशान है।
इसे खत्म किया जाना चाहिए। इसके बाद भी काफी देरी तक बहसबाजी चलती रही। आखिरी में मेयर ने मौके पर कमेटी बनाई। जो कि आने वाले 15 दिन में अपनी रिपोर्ट निगम को देगी।