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रॉक गार्डन की दीवार तोड़ने का विरोध: नेकचंद की पोती ने PM मोदी को लिखा पत्र, कहा- धरोहर को बर्बाद न होने दीजिए

Tue, 11 Mar 2025 10:54 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

प्रियंका सैनी ने मांग की है कि रॉक गार्डन में कोई और तोड़फोड़ न की जाए और नष्ट हुई मूर्तियों की मरम्मत की जाए। रॉक गार्डन सोसायटी में नेकचंद के परिवार को प्रतिनिधित्व दिया जाए और गार्डन में पेड़ों की कटाई तुरंत रोकी जाए।
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चंडीगढ़ में तोड़ी गई राॅक गार्डन की दीवार - फोटो : अमर उजाला/फाइल
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विस्तार
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चंडीगढ़ में रॉक गार्डन की दीवार तोड़ने का विरोध बढ़ता जा रहा है। रॉक गार्डन के निर्माता पद्मश्री नेकचंद की पोती प्रियंका सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भावुक पत्र लिखा है।

पीएम से राॅक गार्डन बचाने की गुहार

प्रियंका सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को वैश्विक पहचान दिलाने वाले राॅक गार्डन को अब धीरे-धीरे नष्ट किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही बरतने और अनुचित फैसले लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐतिहासिक धरोहर को भारी नुकसान हो रहा है। सैनी ने लिखा कि गार्डन की एक दीवार, जिसे खुद नेकचंद ने बनाया था, रात के अंधेरे में गिरा दी गई। इसके अलावा संरक्षण के लिए रखी गई मूल सामग्री को कचरे के रूप में फेंक दिया गया। बताया कि दशकों पुराने पेड़ों को काटा जा रहा है और विस्तार के नाम पर रॉक गार्डन को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। 

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पत्र में लिखा कि रॉक गार्डन हर साल 15 लाख से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करता है और इससे 2-3 करोड़ रुपये का मुनाफा होता है। 2016 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद को रॉक गार्डन का दौरा करवाया था, तब इसकी सुंदरता और रचनात्मकता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया था। लेकिन अब वही ऐतिहासिक प्रवेश द्वार पार्किंग स्थल बनाने के लिए गिरा दिया गया है।

रॉक गार्डन सोसायटी में नेकचंद के परिवार को प्रतिनिधित्व दिया जाए

प्रियंका सैनी ने मांग की है कि रॉक गार्डन में कोई और तोड़फोड़ न की जाए और नष्ट हुई मूर्तियों की मरम्मत की जाए। रॉक गार्डन सोसायटी में नेकचंद के परिवार को प्रतिनिधित्व दिया जाए और गार्डन में पेड़ों की कटाई तुरंत रोकी जाए। प्रियंका सैनी ने कहा कि नेकचंद ने जिंदगी के 57 साल इस गार्डन को बनाने में लगा दिए थे और अब इसे धीरे-धीरे नष्ट किया जा रहा है। अगर नेकचंद आज जीवित होते तो वे बचाने के लिए संघर्ष करते। 1989 में रॉक गार्डन को बचाने के लिए आंदोलन किया गया था और आज फिर से इसकी जरूरत है। 

वहीं दीवार तोड़ने के विरोध में सोमवार को प्रदर्शन कर रहे सेविंग चंडीगढ़ ग्रुप के सदस्यों को पुलिस ने हटा दिया। पुलिस ने परमिशन न होने का हवाला देते हुए उन्हें हटने के लिए कहा। प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया तो पुलिस ने गाड़ी मंगवाकर सभी को थाने ले जाने की चेतावनी दी। आज सेविंग चंडीगढ़ ग्रुप की तरफ से सेक्टर-17 के प्लाजा में शाम 5.30 बजे नुक्कड़ नाटक भी रखा गया है।

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