शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा है कि श्री हरमंदिर साहिब में ब्लू स्टार ऑपरेशन की यादगार के निर्माण का फैसला एसजीपीसी का अपना फैसला है और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल शिअद के अब तक के सबसे अधिक लोकप्रिय नेता हैं। मक्कड़ मंगलवार को गुरुद्वारा नानकियाना साहिब में प्रबंधकीय ब्लॉक के निर्माण का नींव पत्थर रखने संगरूर आए थे।
पत्रकारों से बातचीत में जत्थेदार अवतार सिंह ने कहा कि अगर राजीव गांधी के कातिलों को सजा माफी मिल सकती है तो दविंदरपाल सिंह भुल्लर को क्यों नहीं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हमेशा ही सिखों को दूसरे दर्जे के शहरी माना है और अकेले भुल्लर मामले पर ही नहीं बल्कि हर मसले पर सिखों को भेदभाव का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी मांग करती है कि भुल्लर को रिहा किया जाए।
केजरीवाल द्वारा गठित कमेटी के सवाल पर उन्होंने कहा कि 84 के दंगों के मामले में सिखों को इंसाफ चाहिए न कि कमेटियों या कमीशनों का गठन। उन्होंने कहा कि दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
उन्होंने शिरोमणि कमेटी की शिक्षा संबंधी की जा रही सेवाओं से अवगत कराते हुए बताया कि इस साल तीन नए कॉलेज दशमेश कॉलेज जीरकपुर, करतारपुर कॉलेज और बाबा अजय सिंह के नाम पर गुरदासपुर में लड़कियों का कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं।
तीनों कॉलेज भाई भगता में गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज, लोंगोवाल कॉलेज और चमकौर साहिब में शहीदों के नाम पर कॉलेजों के निर्माण का कार्य शुरू किया जा रहा है और शेरपुर स्कूल का उद्घाटन भी किया जा रहा है।
राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा ने कहा कि एसजीपीसी का पंथक सेवा में कोई सानी नहीं है। ऐतिहासिक गुरुद्वारा नानकियाना साहिब में प्रबंधकीय दफ्तरों के लिए इमारत की बहुत जरूरत थी जिसके लिए संत बाबा जगतार सिंह द्वारा इसका निर्माण करवाया जाएगा।
इस मौके पर संत बाबा जगतार सिंह तरनतारन साहिब वाले, संत कृपाल सिंह भवानीगढ़, मुख्य संसदीय सचिव प्रकाश चंद गर्ग, एसजीपीसी के अंतरिंग सदस्य जत्थेदार रामपाल सिंह बैहणीवाल, भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल, जत्थेदार तेजा सिंह, इंद्रमोहन सिंह, भूपिंदर सिंह भलवान, निर्मल सिंह घराचों, मलकीत सिंह चंगाल, हरदेव सिंह रोगला, गुरलाल सिंह, जैपाल सिंह मंडियां, संत टेक सिंह धनौला, परमजीत सिंह, दर्शन सिंह, नरिंदरजीत सिंह और सतगुर सिंह नमोल मौजूद थे।