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खुदकुशी करने वाले किसानों के परिवारों को मिलेगा मुआवजा

Wed, 19 Feb 2014 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
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कर्ज के बोझ तले दबने से खुदकुशी करने वाले किसानों के लिए सरकार 20 फरवरी तक 70 करोड़ की मुआवजा राशि जारी कर देगी। यह ऐलान मंगलवार को जिले के डीसी केके यादव ने किया।
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इससे पहले डीसी कार्यालय के आगे हाईवे जाम कर धरना लगाए किसान-मजदूरों ने मिनी सचिवालय के तीनों गेटों को घेर लिया था। डीसी ने ऐलान किया कि प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें मान ली गई हैं, बाकी मांगों के संबंध में 25 फरवरी को प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से बैठक करवाई जाएगी।

किसान नेताओं ने साथ ही ऐलान किया है कि अगर सरकार ने उन्हें इस बार भी धोखे में रखा तो 25 फरवरी के बाद फिर से आंदोलन शुरू कर देंगे। इस दौरान उनका एक जत्था चिल्ड्रन पार्क में अपना संघर्ष जारी रखेगा।
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12 फरवरी से किसान-मजदूरों की मांगों को लेकर संघर्ष कर रही भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां और पंजाब मजदूर यूनियन के नेताओं की 17 फरवरी को राज्य सरकार के प्रिंसिपल सचिव केएस संधू के साथ बैठक बेनतीजा रहने पर प्रदर्शनकारियों ने सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया था।

ऐलान के तहत मंगलवार को नेशनल हाईवे से जाम हटाकर किसान-मजदूरों ने मिनी सचिवालय को सुबह 8.30 बजे घेर लिया था। यूनियन नेताओं ने ऐलान किया था कि 19 फरवरी शाम पांच बजे तक सचिवालय का घेराव जारी रहेगा। उसके बाद डीसी और एसएसपी की कोठी के घेराव का ऐलान किया गया था।

इस दौरान डीसी केके यादव ने सचिवालय में स्थित सभी कार्यालयों में छुट्टी का ऐलान कर दिया। किसानों के संघर्ष के ऐलान के तीन घंटों के बाद ही सरकार ने उनकी मांगें मान ली। डीसी ने धरना स्थल पर आकर मांगों संबंधी एक कॉपी किसान यूनियन को सौंपी और मांगों का ऐलान किया।

मानी गई मांगें
भाकियू एकता उगराहां के राज्य प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां ने बताया कि राज्य में किए गए सरकारी सर्वे के तहत कुल 4800 किसानों और मजदूरों ने कर्ज के बोझ तले खुदकुशी की थी।

सरकार ने पांच साल पहले इन पीड़ितों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया था। सरकार की ओर से खुदकुशी कर चुके 3200 पीड़ितों के परिवारों को एक लाख रुपये के हिसाब से कुल 3200 करोड़ की राशि बांटी जा चुकी है। 1600 परिवारों को अभी तक फूटी कौड़ी भी नही दी गई है।

मंगलवार को सरकार ने ऐलान किया है कि सभी पीड़ित परिवारों को 70 करोड़ रुपये 23 फरवरी तक बांट दी जाएगी। यह राशि संबधित जिले के डीसी के पास 20 फरवरी तक पहुंच जाएगी। जिन परिवार को अभी तक सरकार की तरफ कोई भी मुआवजा राशि नहीं मिली है उनको दो-दो लाख रुपये प्रति परिवार दिए जाएंगे।

जिन परिवारों को एक लाख रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है, उनको एक लाख रुपये 23 फरवरी तक और दे दिए जाएंगे। बठिंडा में खुदकुशी करने वाले कुल 1300 किसानों और मजदूरों के परिवारों में से 600 को एक -एक लाख रुपये दिए जा चुके हैं जबकि 700 परिवारों को अभी तक कोई राशि जारी नहीं की गई है।

मानसा के गोबिंदपुरा गांव में थर्मल प्लांट लगाने के दौरान उजाड़े गए मजदूर परिवारों को छह करोड़ उजाड़ा भत्ता भी इसी दौरान जारी किया जाएगा। खेत मजदूरों को अलॉट किए गए पांच मरले के प्लाटों का कब्जा भी सरकार की ओर से एक सप्ताह में दे दिया जाएगा।

मानी गई मांगों में छह माह में कर्जा कानून बनाना, कर्जे न अदा करने की सूरत में किसानों की जमीनों की तहसील आफिस में की जाने वाली कुर्की को रोकना, सहकारी बैंकों की ओर से मजदूरों को मिलने वाले कर्जे को बिना गारंटी के देना, पिता की ओर से बच्चों और बहन की ओर से भाई के नाम जमीन करवाने के दौरान लगने वाली दो और पांच फीसदी फीस को एक फीसदी करना, मनरेगा स्कीम के बकाये को जारी करना और मजदूरों के घरों के उखाड़े बिजली मीटर दोबारा लगाना शामिल है।
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