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बब्बर खालसा के दोनों आतंकियों के बारे में खुफिया एजेंसियों ने किए खुलासे, दहशत फैलाना था मकसद

Sun, 02 Jun 2019 12:01 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
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बीएसएफ का सर्च ऑपरेशन - फोटो : फाइल फोटो
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दो दिन पहले पकड़े गए बब्बर खालसा के दोनों आतंकियों रविंदर पाल सिंह और जगदेव सिंह के बारे में खुफिया एजेंसियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। दोनों विदेशों में बैठे बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) और पाकिस्तानी आतंकियों के संपर्क में थे। रविंदर पाल सिंह वासी गांव महना जिला मोगा और जगदेव सिंह वासी फतेहगढ़ निवासी हैं।
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इनकी गतिविधियों पर खुफिया एजेंसियों की पैनी नजर थी। ये दोनों पंजाब में दोबारा से दहशत फैलाने में जुटे थे और ऑपरेशन ब्लू स्टार बरसी पर बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस के स्पेशल सेल ने दबोच लिया। फिरोजपुर में इनके साथी छिपे हुए हैं, जिनकी तलाश में शुक्रवार और शनिवार को बीएसएफ व पुलिस ने संयुक्त आपरेशन दौरान सभी स्लम बस्तियों में छापामारी की है।

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, फिरोजपुर में बब्बर खालसा से कई गैंगस्टर जुड़े हैं। पैसों की खातिर आतंकियों के इशारे पर किसी का भी मर्डर कर देते हैं। बब्बर खालसा का आतंकी जसवंत सिंह उर्फ काला भी फिरोजपुर और मुक्तसर में सक्रिय था, जो कुछ माह पूर्व यूपी से गिरफ्तार किया जा चुका है। काला ने गैंगस्टर अशोक कुमार उर्फ अमन सेठ से 2014 में पारस मैनी, फरीदकोट में सच्चा सौदा के अनुयायी गुरदेव सिंह व हनुमानगढ़ राजस्थान में संत लखविंदर सिंह की हत्या कराई थी।

इसीलिए बीएसएफ और पुलिस पिछले दो दिनों से फिरोजपुर में बब्बर खालसा के इशारे पर काम करने वाले गैंगस्टरों की तलाश में जुटी है। खुफिया सूत्रों का कहना है कि स्लम बस्तियों में आतंकी किराए के मकान लेकर रहना शुरू कर देते हैं, क्योंकि यहां के लोग ज्यादा पूछताछ नहीं करते और पैसों की खातिर ऐसे लोगों को रहने को मकान दे देते हैं। रविंदर पाल सिंह पिछले लगभग छह माह से मोगा छोड़ अपने रिश्तेदारों के पास फिरोजपुर के गांव सांदेहाशम में रह रहा था और यहीं से विदेशी आतंकियों के इशारे पर योजनाएं तैयार कर रहा था।

बताया जा रहा है कि रविंदर पाल सिंह और जगदेव सिंह ने ऑपरेशन ब्लूस्टार की बरसी पर पंजाब में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देकर दहशत फैलानी थी। आतंकी जसवंत सिंह उर्फ काला ने पंजाब, यूपी व हरियाणा के कई नौजवानों को बब्बर खालसा के साथ जोड़ा है।

इस बात का खुलासा उस समय हुआ था जब काउंटर इंटेलीजेंस के एआईजी नरेंद्र पाल सिंह ने हरियाणा से नौजवानों को पकड़ा था, जो बब्बर खालसा के संपर्क में थे। पंजाब में 84 के दंगों के दौरान फिरोजपुर, तरनतारन, जलालाबाद, ममदोट के कई लोग आतंकी गतिविधियों में संलिप्त थे।

कुछ साल पहले ही ममदोट क्षेत्र का रहने वाला आतंकी बलबीर सिंह भूतना, जिसने लुधियाना रेलवे स्टेशन पर फायरिंग कर एक की हत्या कर दी थी, जो मौजूदा समय में नाभा जेल में बंद है, बब्बर खालसा के संपर्क में था। खुफिया सूत्रों का कहना है कि फिरोजपुर व ममदोट क्षेत्र में अब भी बब्बर खालसा के आतंकी सक्रिय है, इसीलिए बीएसएफ की मदद से उनकी धरपकड़ की जा रही है।
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अमृतसर में घल्लूघारा सप्ताह के दौरान हमले की थी योजना

पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस विंग ने बब्बर खालसा के दो आतंकियों को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि इस गिरफ्तारी से वह अमृतसर में घल्लूघारा सप्ताह के दौरान आतंकी और सांप्रदायिक हमले टालने में कामयाब हुई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जगदेव सिंह और रविंदरपाल सिंह के रूप में हुई है। वे इस समय मलेशिया में रह रहे कुलविंदर सिंह खानपुरिया के निर्देशों पर स्लीपर सेल्स के लिए फंड और हथियारों का प्रबंध कर रहे थे।

स्टेट ऑपरेशन सेल अमृतसर को सूचना मिली थी कि बब्बर खालसा के आतंकी कुलविंदर खानपुरिया ने विशेष समुदाय के लोगों को निशाना बनाने की साजिश रची है। जांच में सूचना सही पाए जाने पर थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल अमृतसर में पुलिस ने लुधियाना के दोराहा निवासी खानपुरिया, मोगा निवासी रविंदर पाल सिंह और फतेहगढ़ साहिब निवासी जगदेव सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसके बाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर जगदेव और रविंदरपाल को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, मास्टर माइंड कुलविंदर सिंह खानपुरिया पहले भी कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है। वह जनवरी 2019 में टूरिस्ट वीजा पर परिवार समेत मलेशिया चला गया था। तब से खानपुरिया वहां से आतंकी गतिविधियां चला रहा है। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक, खानपुरिया मलेशिया से आईएसआई, बब्बर खालसा इंटरनेशनल और पाकिस्तान के कुछ और आतंकियों के संपर्क में है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

 
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