शहर के सबसे पुराने कम्युनिटी हेल्थ सेंटर की आधा दर्जन ओपीडी बंद होने से सेक्टर 22 व उसके आसपास के सेक्टरों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
लोगों का कहना है कि वे साल 2010 से लगातार हेल्थ प्रशासन को चिट्ठियां लिख रहे हैं। कई बार अधिकारियों से मुलाकात की जा चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग की नवंबर साल 2013 की एक चिट्टी के मुताबिक 15 नवंबर को कुल 11 नए डाक्टर डिस्पेंसरी में तैनात किए गए थे, जो दो महीने में वापस बुला लिए गए।
लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार लोगों के दरवाजे पर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए योजनाएं ला रही है तो यूटी का स्वास्थ्य विभाग ओपीडी बंद करने में तुला हुआ है।
उनका कहना है कि सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में तो जा नहीं सकते। यहां तो इतनी ज्यादा भीड़ होती है कि सीनियर सिटीजन को दिखा पाना मुश्किल ही नामुकिन है।
लोगों का कहना है कि इस बारे में जल्द ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई फैसला नहीं लिया गया तो वे आंदोलन करेंगे। यदि धरना देना पड़ा तो वह भी करेंगे।