पंजाब में जमीनों के रिकार्ड को कंप्यूटरीकृत करते वक्त जमाबंदी के कॉलम 12 से घटाकर नौ करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव, वित्त आयुक्त (राजस्व) और लैंड रिकॉर्ड विभाग के निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मामले की सुनवाई 30 मार्च को होगी। दरअसल, जस्टिस परमजीत सिंह की बेंच के समक्ष एक मामले में खुलासा हुआ कि कंप्यूटरीकृत जमाबंदी में कालम कम कर दिए गए हैं। जमाबंदी के यह कालम पहले हस्तलिखित होते थे। इन कालमों में अहम
जानकारी होती थी। पंजाब लैंड रुल्स के तहत जमाबंदी के 12 कालम तय किए गए थे।
हालांकि जिन कालमों को हटाया गया, उनमें किसान द्वारा दिया गया रेंट, मूल्य और दर शामिल होती है। हटाए गए अन्य कालमों में राजस्व और सेस की विस्तृत जानकारी होती है। वह कालम अब खत्म कर दिए गए हैं।
खत्म किए गए कालमों से क्षेत्राधिकार, कोर्ट फीस और अन्य कई महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी मिलती है। हाईकोर्ट ने कहा है कि यह कालम अति महत्वपूर्ण हैं। इनके जमाबंदी के रिकॉर्ड से निकाले जाने के कारण मालिक और किराएदार के अधिकार
प्रभावित हो सकते हैं।