दवाओं की कमी के मुद्दे के स्थायी तौर पर हल करने के लिए मंत्री ने कहा कि पंजाब हेल्थ सिस्टम कोर्पोरेशन सभी सरकारी अस्पतालों को ऑनलाइन सर्वर के साथ जोड़ने जा रही है जो खुद ही दवाओं का ऑर्डर जनरेट करेगी और साथ ही अपने आप दवाओं के री-ऑर्डर के स्तर संबंधी भी अवगत करवाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली लगभग 2500 किस्मों की मुफ्त दवाओं के भंडारण पर भी निगरानी रखना आसान हो जायेगा।
उन्होंने सिविल सर्जनों को हिदायतें जारी की कि मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ की अलग तौर पर पहचान करने के लिए वह हर समय पहचान पत्र पहनें। उन्होंने कहा कि जल्द ही सरकारी अस्पतालों में यूनीफॉर्म के लिए बजट जारी किया जायेगा। मीटिंग में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट, जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य संभाल प्रोग्राम, सरबत सेहत बीमा योजना, टीबी कंट्रोल प्रोग्राम, कैंसर कंट्रोल प्रोग्राम आदि की भी समीक्षा की गई।
इस मौके पर चेयरमैन पंजाब हेल्थ सिस्टम कारर्पोरेशन अमरदीप सिंह चीमा, प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अनुराग अग्रवाल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमडी कुमार राहुल, पंजाब सिस्टम कारपोरेशन के एमडी मनवेश सिंह सिद्धू, स्वास्थ्य मंत्री के राजनैतिक सचिव हरकेश चंद शर्मा, ओएसडी डा. बलविन्दर सिंह, डायरेक्टर स्वास्थ्य सेवाएं अवनीत कौर, डायरेक्टर परिवार कल्याण रीटा भारद्वाज मौजूद थे।