वित्त मंत्री पी चिंदबरम ने अपने अंतरिम बजट में वन रैंक वन पेंशन की मांग मान ली। बजट पेश होने के बाद राहुल ने भी बयान देकर बताया कि वे भी वित्त मंत्री की घोषणा से काफी खुश हैं।
इस घोषणा का सबसे ज्यादा फायदा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ के सैनिकों को होगा। यहां पर एक्स सर्विसमैन की तदाद काफी ज्यादा है।
वन रैंक वन पेंशन की डिमांड पूरी होने पर पंजाब और चंडीगढ़ के एक्स सर्विसमैन इसका श्रेय कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को दे रहे हैं।
गत 14 फरवरी को नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू ऑडिटोरियम में पंजाब और चंडीगढ़ के फौजी एक्स सर्विसमैन ज्वाइंट एक्शन फ्रंट के बैनर तले राहुल गांधी से मिले थे। इसमें ट्राइसिटी व पंजाब के करीब 56 एक्स सर्विसमैन शामिल थे। इनमें जीरकपुर के रहने वाले 80 वर्षीय ब्लाइंड योद्धा हवलदार काका सिंह भी शामिल थे।
1965 के इंडो-पाक युद्ध के दौरान खेम करन सेक्टर में लड़ाई के दौरान एक ब्लास्ट में काका सिंह ने अपनी दोनों आंखें खो दी थीं। तब से गुमनामी में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उनकी वीरता को देखते हुए प्रदेश व केंद्र सरकार ने कई घोषणाएं की थी, लेकिन आज तक वह पूरी नहीं हो पाईं।
14 फरवरी को काका सिंह ने राहुल गांधी को अपनी परेशानी बताई। काका की वीरता सुनकर राहुल भी अचंभित रह गए।
उन्होंने काका से कहा कि आपने देश के लिए अपनी पूरी जिंदगी दांव पर लगा दी, अब आपके साथ मैं हूं। राहुल के इन शब्दों से एक्स सर्विसमैन को यकीन हो गया था कि इस बार के बजट पूर्व फौजियों के साथ कुछ अच्छा होने वाला है।