शहर के रेलवे स्टेशन की लुक अब पूरी तरह बदलने वाली है। यहां जल्दी ही यात्रियों को बिजली से चलने वाली सीढ़ियों यानी एस्केलेटर की सुविधा मिलने लगेगी। प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर अब दूसरे एस्केलेटर को भी इंस्टॉल कर दिया गया है।
अभी कुछ दिन पहले ही यहां एक एस्केलेटर फिक्स कर दिया गया था। अब दोनों एस्केलेटर को चलाने के लिए इलेक्ट्रिकल वर्क किया जा रहा है। एक एस्केलेटर चढ़ने व दूसरा उतरने के लिए होगा।
ये एस्केलेटर प्लेटफॉर्म नंबर-1 व 3 से कनेक्ट होंगे। रेलवे प्रबंधन का दावा है कि इसी महीने ट्रायल के बाद दोनों एस्केलेटर को पूरी तरह शुरू कर दिया जाएगा।
स्टेशन पर एस्केलेटर लगने से यात्रियों को काफी फायदा होगा। खासतौर पर जिन लोगों के पास भारी भरकम सामान होता है, उन्हें सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में कोई दिक्कत नहीं होगी। प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर भी एस्केलेटर लगना है,जिस पर अभी काम चल रहा है।
वर्ष 2011 में मिली थी मंजूरी
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर एस्केलेटर लगाने की मंजूरी वर्ष 2011 में मिल गई थी। यहां करीब साढ़े 3 करोड़ की लागत से एस्केलेटर लगाए जा रहे हैं।
वर्ष 2012 में यहां एस्केलेटर का काम शुरू हो गया था। वहीं स्टेशन पर नए बुकिंग काउंटर भी बनने है, जिस पर अभी कंस्ट्रक्शन वर्क चल रहा है।
हमारी कोशिश है कि ट्रायल के बाद दोनों एस्केलेटर को इसी महीने तक शुरू कर दें। इसके बाद फिर प्लेटफॉर्म नंबर-1 से बिल्कुल बाहर की ओर जाने वाले एस्केलेटर को भी फिट कर दिया जाएगा।
गुलशन कुमार, सीनियर डीसीएम, अंबाला