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Mohali: पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय की ड्रोन से वीडियोग्राफी करते एक गिरफ्तार, कुछ दिन पहले हुआ था RPG हमला

Sun, 06 Nov 2022 08:45 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)

सार

पुलिस ने ड्रोन उड़ाने वाले व्यक्ति को राउंडअप करके उससे पूछताछ की तो उसने अपने बारे में पूरी जानकारी उन्हें मुहैया करवाई लेकिन जब उससे ड्रोन उड़ाने की अनुमति मांगा तो वह पेश नहीं कर पाया। इसके बाद पुलिस ने उसका ड्रोन कब्जे में ले लिया और उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। 
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फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आतंकियों ने नौ मई को पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर आरपीजी से हमला कर दिया था और इस मामले में कई आतंकी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं अब पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय के पास ड्रोन उड़ाकर वीडियोग्राफी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर आरोपी को तुरंत काबू कर लिया है। 

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आरोपी के पास इस इलाके में ड्रोन उड़ाने संबंधी कोई अनुमति नहीं थी। ऐसे में सोहाना थाने की पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आरोपी की पहचान शशि नाम के व्यक्ति के रूप में हुई है और व चंडीगढ़ की एक पीआर कंपनी में काम करता है। पुलिस ने उसके खिलाफ धारा-188 के तहत केस दर्जकर मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को सूचना मिली थी कि कोई व्यक्ति पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय के पास ड्रोन से वीडियोग्राफी कर रहा है। जबकि इस इलाके में इस तरह की गतिविधि पर पूरी तरह से पाबंदी लगी है और यह स्थल पुलिस के लिए काफी अहम है। पुलिस के मुताबिक खुफिया मुख्यालय सीक्रेट बिल्डिंग की श्रेणी के अंतर्गत आता है। 
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पुलिस ने ड्रोन उड़ाने वाले व्यक्ति को राउंडअप करके उससे पूछताछ की तो उसने अपने बारे में पूरी जानकारी उन्हें मुहैया करवाई लेकिन जब उससे ड्रोन उड़ाने की अनुमति मांगा तो वह पेश नहीं कर पाया। इसके बाद पुलिस ने उसका ड्रोन कब्जे में ले लिया और उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। 

बता दें कि इसी साल नौ मई को पंजाब पुलिस खुफिया मुख्यालय पर आरपीजी हमला किया गया था। इसके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और अन्य आतंकियों से जुड़े होने का दावा पुलिस कर चुकी है। इस वारदात के बाद जिला प्रशासन ने इलाके में इस तरह की किसी भी गतिविधि या ड्रोन जैसी कोई भी चीज उड़ाने पर रोक लगा दी थी। यह नियम है कि ड्रोन उड़ाने के लिए ऑपरेटरों को जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की अनुमति की आवश्यकता होती है। साथ ही जिस इलाके में ड्रोन उड़ाया जा रहा है वहां पर ही महाराजा रणजीत सिंह प्रीपेयटरी इंस्टीट्यूट, राधा स्वामी सत्संग भवन और इसके बाद जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स और जिला अदालत भी है।

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