दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के नए वैरिएंट (ओमिक्रॉन) को लेकर हरियाणा सरकार सतर्क हो गई है। कोरोना को लेकर सरकार ने अब दोबारा से सख्ती बढ़ाने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने प्रदेश के सभी डीसी और एसपी को निर्देश जारी किए हैं कि वह अपने अपने जिलों में कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराएं। साथ ही सभी स्कूल, उद्योग, व्यवसाय परिसर, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड इत्यादि जहां भीड़ होने की संभावना है, वहां सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने वालों के चालान किए जाएं।
इसके अलावा, प्रतिदिन होने वाली 12 हजार टेस्टिंग को 40 हजार तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मंगलवार को स्वास्थ्य और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। विज ने कहा कि इन संबंधित अधिकारियों द्वारा सरकार द्वारा जारी एसओपी (महामारी अलर्ट-सुरक्षित हरियाणा) के अनुसार जनसभा इत्यादि भीड़ होने पर हिदायतों का पालन होना चाहिए। किसी भी स्तर पर एसओपी का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा अन्यथा आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
बैठक में विज को अधिकारियों ने अवगत कराया कि साउथ अफ्रीका में पाए गए नए वैरिएंट की जांच के लिए जीनोम सिक्वेंस की आवश्यकता होती है और उसके लिए हरियाणा में एक मशीन को लगाया गया है। इस पर विज ने कहा कि यदि कोई कोविड का नया मरीज हरियाणा में पाया जाता है तो उसकी कोविड की जीनोम सिक्वेंस पता लगाया जाएं। विज ने कहा कि इन्फलूंएजा लाइक इलनेस (आईएलआई) वाले मरीजों की भी कोविड टेस्टिंग की जाए।
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राज्य में ‘एट रिस्क’ वाले देशों से आने वाले यात्रियों की टेस्टिंग की जाए
‘एट-रिस्क’ वाले देशों जैसे कि यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इज़राइल सहित यूरोप के देशों से आने वाले यात्रियों की टेस्टिंग एयरपोर्ट हो रही है। जो लोग निगेटिव पाए जा रहे हैं, उनकी 8वें दिन स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा टेस्टिंग की जा रही हैं। विज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी यात्री विदेश से आता है और वह अपने आपको क्वारंटीन करता है, तो भी स्वास्थ्य विभाग की टीमों व कर्मचारियाें द्वारा उससे रोजाना टेलीफोन पर बातचीत की जाए।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एस.एन.राय, स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव जी.अनुपमा, खाद्य एवं औषध प्रशासन विभाग के कमीश्नर राजीव रतन, डॉ. साकेत कुमार, एनएचएम के मिशन निदेशक प्रभजोत सिंह, स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ. वीना सिंह व निदेशक डॉ उषा गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।