अपने नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों से विज्ञापन के जरिए पैसे ऐंठने के मामले में ओलंपियन मिल्खा सिंह ने बड़ा कदम उठाया है। मामले में समझौते की अर्जी दाखिल होने के बाद मिल्खा सिंह बुधवार को खुद अदालत पहुंचे। वहां उन्होंने केस वापस लेने को लेकर बयान दर्ज कराए। मिल्खा सिंह ने अदालत में दर्ज कराए बयान में कहा कि आरोपी पक्ष की ओर से उनसे मामले में माफी मांग ली गई है। साथ ही दोनों पक्षों में आपसी समझौता हो गया है।
मामले में दोनों आरोपी युवा हैं। उनके दोबारा क्राइम न करने के आश्वासन देने के बाद उन्हें सुधरने का एक मौका और देना चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि मामले में समझौता उनकी मर्जी से हो रहा है। इसमें किसी का कोई दबाव नहीं है। अदालत ने उनके बयान के बाद मामले में फैसले के लिए अगली तारीख तय कर दी। अब अदालत 21 फरवरी को तय करेगी कि केस खारिज करना हैं या नहीं।
बता दें कि इससे पहले 24 अक्तूबर 2016 को मामले में दोनों पक्षों की ओर से समझौते को लेकर सीआरपीसी की धारा 320 के तहत ‘कंपाउंडिंग ऑफ अफेंस’ (अपराध का समझौता) के तहत अर्जी दायर की गई थी।
ये है मामला
मिल्खा सिंह की ओर से उनके वकील तरमिंदर सिंह ने फरवरी 2014 में पुलिस हेडक्वार्टर में शिकायत देते हुए धोखाधड़ी, जालसाजी जैसी धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने इनके खिलाफ 21 अप्रैल, 2014 में आईटी एक्ट समेत सबूत नष्ट करने की आपराधिक धाराओं में केस दर्ज किया था। इसके बाद तीनों आरोपियों ने सरेंडर कर जमानत ली थी।
थाना 3 पुलिस ने नेट गेन्स इंडिया इंटरनेट प्रा.लि. नामक कंपनी से जुड़े आतिर खान, संजीव व सईद अजफर खान के खिलाफ 18 नवंबर, 2014 को चालान पेश किया था।
आरोप मुक्त की दायर की गई थी अर्जी
आरोपी पक्ष की ओर से पिछले साल 17 फरवरी को आरोप मुक्त की अर्जी दायर की गई थी, जिस पर शिकायतकर्ता पक्ष वकील ने कहा था कि मिल्खा सिंह की फर्जी वेबसाइट उनकी फिल्म रिलीज के बाद आरोपी पक्ष ने लाभ कमाने के मकसद से बनाई थी। इसे मिल्खा सिंह की ऑफिशियल वेबसाइट बताया गया। वेबसाइट के पेज पर विज्ञापन लगाकर आरोपी पक्ष कमाई करना चाहता था।