पांच रंग नाटक में दिखी पांच कहानियां
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पंजाब कला भवन में थिएटर फॉर थिएटर विंटर फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। इसमें विभिन्न थिएटर ग्रुप की ओर से नाटकों का मंचन किया जा रहा है। बुधवार को प्रो. बलजिंदर कौर के निर्देशन में पांच रंग नाटक का मंचन किया गया। इसे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी जालंधर के डिपार्टमेंट ऑफ आर्ट्स के कलाकाराें ने पेश किया। पांच रंग नाटक में पांच कहानियां दिखाई गईं। सभी का थीम अलग रहा।
पहली कहानी डॉ. के शब्द में दर्शाया गया कि एक डॉक्टर अपने मरीजों के लिए कितनी अहमियत रखता है। दूसरी कहानी घरवाली में दिखाया गया कि आस्था के लोभ में लोग कितने अंधे हो जाते हैं। तीसरी कहानी है रहमते खुदावंदी के फल में दिखाया गया कि एक पिता किस तरह से नशे करता है और उसका बेटा भी उसके नक्शे कदम पर चल पड़ता है।
चौथी कहानी मुगल बच्चा इगो पर अधारित है। पांचवीं कहानी दो आस्थाएं में जेनरेशन गेप का दिखाया गया है। नई और पुरानी पीढ़ी की बाताें को बताया गया है अब नई और पुरानी पीढ़ी को मिलकर नया रास्ता निकालना होगा, जिससे दोनों में अच्छे रिश्ते पनप सके।