मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इतिहास की पुरानी पुस्तकों की समीक्षा के लिए बनाए गए एक्सपर्ट ग्रुप का निर्णय आने तक पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड को सत्र 2017-18 के लिए 11वीं और 12वीं कक्षा की इतिहास की पुरानी पुस्तकों को ही जारी रखने का आदेश दिया है।
मुख्यमंत्री ने यह आदेश इसलिए जारी किया है क्योंकि छात्र अभी अपने शैक्षणिक सत्र के मध्य में है। इतिहास की पुस्तकों में खामियां सामने लाए जाने के बाद पंजाब सरकार ने 11 मई 2018 को जाने-माने इतिहासविदों की एक कमेटी बनाई थी। वह इन पुस्तकों की समीक्षा कर रही है। विशेषज्ञों के इस दल का नेतृत्व प्रोफेसर कृपाल सिंह कर रहे हैं।
इस कमेटी में डॉक्टर जेएस ग्रेवाल, डॉ इंदु बंगा, डॉ पृथी पाल सिंह कपूर, एसजीपीसी के डॉ. बलवंत सिंह ढिल्लों और डॉ इंद्रजीत सिंह गोगानी भी हैं। आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री ने शिक्षा मंत्री को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि जो विशेषज्ञ दल नियुक्त किया गया है वह बताई गईं सभी कमियों पर गहनता से विचार करने के बाद अपने सुझाव दें।