चंडीगढ़। टीबी मुक्त अभियान के तहत चंडीगढ़ में भी टीबी के मरीजों को गोद लेकर उनको पोषक किट उपलब्ध कराया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक गवर्नर समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने टीबी के 48 मरीजों को गोद लिया है। वे उन मरीजों को हर महीने दाले, अनाज, सोयाबीन दूध जैसे आवश्यक आहार उपलब्ध करा रहे हैं। इससे उनके मरीजों की सेहत भी सुधरने लगी है। जो मरीज पैसे की कमी के कारण अपने आहार पर ध्यान नहीं दे पा रहे थे, वे उन अधिकारियों की मदद से बीमारी को मात देने में सफल हो रहे हैं। अधिकारी हर महीने इन मरीजों को पोषणयुक्त आहार के लिए 500 रुपये दे रहे हैं।
केस- 1
मनीमाजरा निवासी 50 वर्षीय मो. सलीम को टीबी क्या हुआ काम-धंधा सब बंद हो गया। कपड़े प्रेस करके घर का पालन पोषण करने वाले मो. सलीम के लिए बीमारी से जंग करना कठिन थाए लेकिन अब वे बेहतर महसूस कर रहे हैं। उन्होंने फिर से कपड़ों पर स्त्री करना शुरू कर दिया है। मो. सलीम का कहना है कि मैं अकेला नहीं हूं। शहर के बड़े अधिकारी ने मेरी जिम्मेदारी ले ली है। अब मुझे हर महीने चने की दाल, सोयाबीन, सरसों का तेल और दूध मिलता है। अब मुझे लगने लगा है कि मैं ठीक हो रहा हूं।
केस- 2
रायपुरकलां निवासी गुरजीत कौर के परिवार में भी कमाई को कोई ठोस इंतजाम नहीं है। उन्हें टीबी हुआ तो परिवार की चिंता बढ़ गई। बीमारी को मात देने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी था लेकिन पैसे का इंतजाम नहीं हो पा रहा था। लेकिन अब गुरजीत की स्थिति पहले से काफी बेहतर है। गुरजीत की मां अफ्तार कौर का कहना है कि एक अधिकारी की तरफ से हर महीने गुरजीत के लिए चने की दाल, भूना हुआ चना, मूंगफली, सोयाबीन मिलने लगा है। इन चीजों से उसकी सेहत तेजी से सुधर रही है।
एक से तीन वर्ष के लिए गोद लेंगे मरीजों को
स्वास्थ्य मंत्रालय ने निक्षय मित्र अभियान के तहत मरीजों को पर्याप्त पोषण के लिए उन्हें पोषण किट उपलब्ध कराने की योजना शुरू की है। इस अभियान के तहत व्यवस्था की गई है कि निक्षय मित्र बनने वाले व्यक्ति या संस्था कम से कम एक वर्ष के लिए और अधिक से अधिक 3 साल के लिए किसी ब्लॉक, वार्ड या जिले के टीबी रोगियों को गोद लेकर उन्हें भोजन, पोषण, आजीविका के स्तर पर जरूरी मदद उपलब्ध करा सकते हैं।
इनसेट-
2025 तक टीबी मुक्त बनाना है देश को
देश में लगभग हर साल 20 लाख लोग टीबी की चपेट में आ रहे है। 85 फीसदी मरीज उपचार से ठीक हो जाते हैं। सरकार ने साल 2025 तक भारत को टीबी मुक्त राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय अब सामुदायिक स्तर पर क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम चलाकर जनभागीदारी के माध्यम से निक्षय मित्र कार्यक्रम के जरिए टीबी को देश से खत्म करने का प्रयास कर रहा है।
इतने मरीजों को इन्होंने लिया गोद
गवर्नर- 33
स्वास्थ्य सचिव- 5
निदेशक स्वास्थ्य- 5
चिकित्सा अधीक्षक जीएमएसएच 16- 5
टीबी मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए लगातार मरीजों को गोद लिया जा रहा है। उन मरीजों को गोद लेने वाला व्यक्ति हर महीने पोषण किट उपलब्ध करा रहा है। इसमें अनाज, दालें और अन्य आवश्यक चीजें शामिल हैं। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि वे भी इस अभियान में सहयोग दें ताकि इस बीमारी को जड़ से मिटाने का संकल्प पूरा किया जा सके।
यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव