बीजेपी मंत्री के पास मदद के लिए पहुंची युवती ने ऐसी बात कर दी कि वे अवाक रह गए। इतना सहम गए कि समझ ही नहीं आया कि क्या कहें और क्या न कहें। मामला हरियाणा के अंबाला कैंट का है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के जनता दरबार में मंत्री और अन्य अधिकारी उस समय अवाक रह गए जब फरियाद लेकर पहुंची एक युवती ने सुसाइड की धमकी दे डाली। सुसाइड का नाम जैसे ही युवती की जुबान पर आया तो एक बार तो मंत्री भी सहम उठे।
उन्होंने फिर मौका संभालते हुए युवती को ऐसा नहीं करने की नसीहत दी, साथ ही कार्रवाई का आश्वासन दिया। कैंट के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जनता दरबार के दौरान वीरवार तोपखाना परेड निवासी युवती रीता ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से हिसार रोड स्थित महावीर नर्सिंग कालेज संचालक से अपने दस्तावेज वापस करने और कालेज में पुन: दाखिला देने का अनुरोध कर रही है, जबकि कालेज संचालक उसके दस्तावेज वापस नहीं कर रहा। उसे बिना वजह कालेज से निकाल दिया गया।
उसने बताया कि कई बार कालेज द्वारा दस्तावेज न देने से परेशान होकर दरबार व प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट चुकी है, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही। मंत्री ने युवती को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। युवती दरबार से रोती हुई वापस लौटी गई। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने की बार-बार मिल रही शिकायतों पर गंभीर संज्ञान लेते हुए मंत्री ने कालेज के संचालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता की गुहार
युवती ने सुसाइड की धमकी दी
उधर, एक गरीब लड़की ने शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई थी और स्वास्थ्य मंत्री ने उसके पैटीग्रांट के तहत 11 हजार रुपये का अनुदान देने की घोषणा की। वीरवार को लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में मंत्री अनिल विज ने 194 शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने साप्ताहिक कैंप में उपस्थित निगम कर्मियों को विकास के मामले में उनकी ढीली कार्रवाई को सुधारने और सभी कार्य समय से पूरा करने के सख्त निर्देश दिये। इस मौके पर एसडीएम सुभाष चंद्र सिहाग, संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह, सिविल सर्जन डॉ. विनोद गुप्ता व अन्य सदस्य मौजूद रहे।
टूटी सड़कों व झाड़ियों के बीच रास्ते से स्कूल जाती छात्राएं
गांव बोह से राजकीय स्कूल से पहुंची छात्राओं व उनके परिजनों ने मंत्री के समक्ष छात्रों के घरों से लेकर स्कूल तक सड़क बनवाने की गुहार लगाई। दरबार में मौजूदा दसवीं की छात्रा पायल, शिवानी, रिया, मीनाक्षी, पायल, देवकी का कहना था कि उनकी सड़कों के हालात ऐसे है कि बरसात के समय जमा पानी से गुजरना पड़ता है और सड़क जगह-जगह से टूटी हुई है। कई जगह तो चारों ओर झाडिय़ों के बीच से उन्हें गुजरकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। मंत्री ने उनकी शिकायत पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।