एक कांट्रैक्टर के पास 100 करोड़ की प्रॉपर्टी मिली तो सनसनी फैल गई। हालांकि अंजाम खौफनाक होगा, लेकिन जानकर हैरानी होगी कि उसकी किस्मत आखिर कैसे चमकी। दरअसल, सिंचाई विभाग में टेंडर अलॉटमेंट में धांधलियों की जांच कर रहे पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने कांट्रैक्टर गुरिंदर सिंह और विभाग के सात वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जिन अधिकारियों पर मामला दर्ज हुआ है, उनमें से चार विभाग से सेवानिवृत्ति ले चुके हैं।
विजिलेंस के मुताबिक कांट्रैक्टर ने चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना, पटियाला और नोएडा में अवैध तरीके से 100 करोड़ की तीस से अधिक प्रापर्टी जमा की है। यह जानकारी मिलने के बाद इन जगहों पर छापेमारी की गई। ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि एक्सईएन गुलशन नागपाल, एक्सईएन बजरंग लाल सिंगला, सुपरवाइजर विमल कुमार शर्मा, चीफ इंजीनियर रिटायर्ड परमजीत सिंह घुम्मन, चीफ इंजीनियर रिटायर्ड हरविंदर सिंह, एसडीओ रिटायर्ड कमिंदर सिंह देओल, चीफ इंजीनियर रिटायर्ड गुरदेव सिंह मिन्हा और सिंचाई विभाग के कुछ अन्य अधिकारियों, इंजीनियरों को कांट्रैक्टर गुरिंदर सिंह के साथ आपराधिक षड्यंत्र रचने में अपने पद का दुरुपयोग करते पाया गया है।