92 साल की उम्र और ग्लूकोमा से ग्रस्त, लेकिन फिर भी सभी को इस बीमारी से लड़ने के लिए प्रेरित करना। इस संघर्षपूर्ण जिंदगी को नाटक के माध्यम से मंचित किया शनिवार दोपहर सेक्टर-17 प्लाजा में। ‘उजाले की ओर’ नाम से नुक्कड़ नाटक थिएटर्स आर्ट्स चंडीगढ़ ने पीजीआई एडवांस आई केयर के सहयोग से किया।
नाटक में 92 वर्ष के एचएस भट्टी (पंजाब आर्ट काउंसिल के पूर्व सेक्रेटरी जनरल) की जिंदगी को सिलसिलेवार जिसमें उनके बचपन से लेकर अब तक के संघर्ष को नाटक के जरिए पेश किया। एचएस भट्टी ने स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और संघर्ष के बाद आजाद भारत की पहली टीवी कंपनी की स्थापना की।
ग्लूकोमा के कारण उन्हें बहुत परेशानी हुई और उन्हें जिंदगी में अकेले भी रहना पड़ा। इसके बावजूद भट्टी ने हिम्मत नहीं हारी और सभी को ग्लूकोमा से लड़ने के लिए प्रेरित किया। यही इस नाटक का मूल था।
नाटक में बलकार सिद्धू, योगेश अरोड़ा, आशा सकलानी, गौरव शर्मा, मुनीश कपूर, सतपाल सिंह, सनी संधू, तेजिंद्र जोशी, राजीव मेहता, योगेश कुमार, बलजिंद्र सिंह, आशीष शर्मा, सर्वग्या, मोहित कुमार, शगुन पांडे, बलजीत कुमार, भावित तक कार्तिक मेहता शामिल थे।