नूंह जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर चुनाव के चुनाव के लिए आयोजित होने वाली 23 दिसंबर की बैठक के नोटिस को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले को अधिकारियों की चूक मानते हुए अब बैठक 26 दिसंबर को करने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए यहूदा मोहम्मद व अन्य ने एडवोकेट मोहम्मद अरशद के माध्यम से जिला परिषद की 23 दिसंबर को होने जा रही बैठक के नोटिस को चुनौती दी है।
याचिका में बताया गया कि 23 दिसंबर को जिला परिषद की पहली बैठक होने जा रही है और इस बैठक में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद का चुनाव होगा। याची ने बताया कि तय प्रावधान के तहत बैठक के लिए जिला परिषद सदस्यों को सात दिन का स्पष्ट नोटिस देना अनिवार्य होता है। हरियाणा सरकार ने 23 दिसंबर को बैठक करने के लिए 16 दिसंबर को सदस्यों को नोटिस दिया था। इस नोटिस के अनुसार सात स्पष्ट दिन की अनिवार्य शर्त पूरी नहीं होती है।
सात अनिवार्य दिन गिनते हुए नोटिस जारी होने और बैठक के दिन को नहीं जोड़ा जाता है। ऐसे में बैठक के लिए जारी नोटिस वैध नहीं है। हाईकोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान माना की इस मामले में नगर परिषद के सदस्यों को बैठक का नोटिस जारी करते हुए अधिकारियों ने चूक की है। नोटिस को देखा जाए तो यह सात का नहीं बल्कि छह दिन का था। ऐसे में हाईकोर्ट ने 23 दिसंबर की बैठक का नोटिस रद्द करते हुए बैठक 26 दिसंबर को करने का आदेश दिया है।