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पहली गुरु बन मां ने थमाई थी राइफल, आज अंजुम मोदगिल को खेल रत्न के लिए किया गया नामित

Thu, 14 May 2020 11:22 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • परिवार में जश्न का माहौल, देश को दिला चुकी हैं ओलंपिक कोटा, गोल्डन गर्ल के नाम से हैं मशहूर
  • मां की प्रेरणा से बनीं निशानेबाज 
  • पंजाब पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं अंजुम मोदगिल
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अंजुम मोदगिल - फोटो : ट्विटर
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विस्तार
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चंडीगढ़ की बेटी और स्टार शूटर अंजुम मोदगिल को देश के प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। इससे मोदगिल के परिवार में खुशी का माहौल है। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सेक्रेटरी राजीव भाटिया ने बताया कि जिन शूटर्स को नामित किया गया है, उनके नाम यूथ अफेयर्स एंव स्पोर्ट्स मंत्रालय को भेजे जा रहे हैं। 

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नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने देश के टॉप शूटर्स के नाम सर्वोच्च अवार्ड के लिए नामित किए हैं। इन अवार्ड में राजीव गांधी खेल रत्न, द्रोणाचार्य और अर्जुन अवार्ड शामिल हैं। एसोसिएशन के प्रधान रनइंदर सिंह ने बताया कि पिछले साल के बेहतरीन प्रदर्शन वाले निशानेबाजों के नाम मंत्रालय को भेजे गए हैं। अंजुम मोदगिल को गोल्डन गर्ल के नाम से भी जाना जाता है। 

ओलंपिक कोटा दिलाने वालीं शहर की पहली महिला शूटर
शूटिंग में भारत को ओलंपिक कोटा दिलाने वाली अंजुम मोदगिल शहर की पहली महिला खिलाड़ी हैं। 2019 में अंजुम ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश को ओलंपिक कोटा दिलाया था। कोरोना वायरस के चलते इस बार 2020 का ओलंपिक टाल दिया गया है। आज अंजुम मोदगिल का सपना है कि अगर उन्हें 2021 ओलंपिक में हिस्सा लेने का मौका मिलता है तो वह देश के लिए पदक जीतकर सिटी का नाम रोशन करना चाहती हैं।

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ओलंपियन अंजलि भागवत को हराकर आईं थीं सुर्खियां में

अंजुम मोदगिल करीब तीन साल पहले उस समय सुर्खियों में आईं थीं, जब उन्होंने ओलंपियन अंजलि भागवत को नेशनल में हराकर गोल्ड मेडल पर निशाना साधा था। वहीं, 2019 में दिल्ली में आयोजित शूटिंग की नेशनल चैंपियनशिप के विभिन्न इवेंट में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने कई मेडल बटोरे थे। 

एनसीसी कैडेट रहीं अंजुम मोदगिल को बेहतर प्रदर्शन करने पर देश के पूर्व रक्षा मंत्री प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित कर चुके हैं। अंजुम मोदगिल का सपना है कि अगर उन्हें 2021 ओलंपिक में हिस्सा लेने का मौका मिलता है तो वह देश के लिए पदक जीतकर उसे अपनी मां को समर्पित करना चाहेंगी।

मां ही अंजुम की पहली कोच 
अंजुम की मां शुभ मोदगिल एक समय में एनसीसी की कैडेट और शूटर रही हैं। जब भी समय मिलता था वह अपनी बेटी को शूटिंग रेंज साथ लेकर जाती थीं। वहीं से अंजुम को भी इसमें रुचि होने लगी। मां से प्ररेणा लेकर शूटिंग कंपीटीशन में हिस्सा लेना शुरू कर दिया। अंजुम को इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे उनकी मां का कड़ा संघर्ष है। 
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रोजाना अपने साथ अंजुम को शूटिंग रेंज लेकर जाना। इस के बाद वापस आकर पढ़ाना और खेल के साथ पढ़ाई में अच्छे नंबर लाने के लिए हमेशा प्रेरित करना। शूटिंग रेंज में रोजाना अभ्यास करने लेकर जाना। इसके बाद कई कंपीटीशन में उनके साथ आना-जाना। इन सब के बीच अपनी खुद की टीचिंग की नौकरी करना यह सब उनकी मां शुभ मोदगिल के लिए काफी चैलेंजिंग रहा लेकिन मां न हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत से अपनी बेटी को आखिर इंटरनेशनल लेवल का शूटर बना दिया।

पंजाब पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं अंजुम
अंजुम मोदगिल ने देश और इंटरनेशनल लेवल पर कई पदक जीते हैं। इस कामयाबी के लिए शूटर मोदगिल को पंजाब सरकार ने पंजाब पुलिस में संब इंस्पेक्टर की नौकरी दी है।
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