लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अमृतसर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बर्मिंघम के लिए उड़ान मिलने जा रही है। एयर इंडिया ने अमृतसर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हफ्ते में दो दिन बर्मिंघम के लिए अपनी फ्लाइट्स शुरू करने पर हामी भर दी है।
वहीं जेट एयरवेज ने अमृतसर से फिलहाल अपनी फ्लाइट शुरू करने से साफ इनकार कर दिया है। उसने हाईकोर्ट को बताया कि अभी उनके पास अतिरिक्त एयरक्राफ्ट्स नहीं हैं। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने दिल्ली से इंटरनेशनल फ्लाइट्स लेने वाले पंजाबियों का आंकड़ा मांगते हुए केंद्र सरकार सहित डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन से जवाब तलब किया था।
सोमवार को केंद्र सरकार ने इसकी जानकारी को सौंपने के लिए कुछ समय दिए जाने की मांग की। सुनवाई के दौरान अमृतसर विकास मंच ने एयर इंडिया द्वारा यहां से बर्मिंघम के लिए सप्ताह में दो दिन फ्लाइट्स शुरू किए जाने पर तो संतुष्टि जाहिर की।
इस दौरान उन्होंने हाईकोर्ट से मांग की कि जेट एयरवेज को भी फ्लाइट्स शुरू करने के निर्देश दें। पीआईएल बेंच ने इस पर कहा कि वह किसी पर फ्लाइट्स शुरू करने के लिए दबाव नही बना सकते। फ्लाइट्स शुरू करनी है या नहीं, इसका फैसला एयरवेज खुद करेगी। हाईकोर्ट इस मामले में निर्देश नहीं दे सकता।
इंटरनेशनल फ्लाइट में अधिकतर पंजाबी :
याची के वकील अंकुर सोनी ने हाईकोर्ट को बताया था कि दिल्ली से बर्मिंघम की इंटरनेशनल फ्लाइट्स लेने वालों में 60 से 90 प्रतिशत यात्री पंजाब के होते हैं। अमृतसर से दिल्ली होकर जो फ्लाइट बर्मिंघम जाती है, उसके लिए यात्रियों को 3000 से लेकर 13000 रुपये तक अधिक किराया देना पड़ता है।
इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि लोगों को परेशान कर उनसे अधिक राशि वसूली जा रही है, जबकि पंजाब के जो लोग बर्मिंघम या टोरंटो जाना चाहते हैं वो दिल्ली जाने के बजाय सीधे अमृतसर के हक में हैं। हाईकोर्ट को बताया गया था कि पहले एयर इंडिया अमृतसर से बर्मिंघम और टोरंटो के लिए फ्लाइट्स चलता था। बाद में इसे बंद कर दिया गया। इस कारण अब यहां के लोगों को दिल्ली से फ्लाइट्स लेनी पड़ती है। इस पर एयर इंडिया की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि इसमें काफी घाटा हुआ था।