हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने सरकार के ओएसडी के आदेशों पर सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने इस बाबत सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री अनिल विज के मार्फत सरकार को पत्र लिख कर कहा है कि मैं ओएसडी के फाइल पर लिखे गए ‘सीएम हैज डिजायर्ड’ के आदेशों को मानने के लिए बाध्य नहीं हूं।
सूत्रों के मुताबिक खेमका ने कहा है कि या तो सरकार इस संदर्भ में यह अधिसूचना जारी करे कि ओएसडी की ओर से फाइल पर लिखा गया यह नोट सरकार का जारी आदेश है। उन्होंने पत्र में रूल आफ बिजनेस के नियम 13 और 14 का हवाला भी दिया है। जिसमें यह कहा गया है कि सरकार के आदेश ही फाइल पर मान्य होते हैं।
अन्य प्रदेशों से इतर यह व्यवस्था हरियाणा में ही चालू है। पूर्व मुख्यमंत्रियों के समय से यह व्यवस्था चली आ रही है। इसके तहत फाइल पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव से लेकर अन्य अधिकारी यह लिखते आ रहे हैं। पूर्व की हुड्डा सरकार में भी आदेश इसी तरह लिखे जाते रहे हैं। वर्तमान में सरकार के कई ओएसडी ने फाइल पर यह नोटिंग लिखनी शुरू कर दी थी। ऐसी ही एक नोटिंग खेमका के पास पहुंच गई, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया।