चंडीगढ़। राजस्थान में एक छोटे से घर से जिंदगी की शुरुआत करने वाले अभिनेता इरफान खान ने बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक कैसे मुकाम बनाया यह सब जानकारी देगी असीम छाबड़ा की नई किताब ‘इरफान खान : द मैन, द ड्रीमर, द स्टार’। शशि कपूर, प्रियंका चोपडा जैसी नामी हस्तियों की बायोग्राफी लिख चुके असीम छाबड़ा ने अब एक्टर इरफान खान पर अपनी नई किताब लिखी है। सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में किताब को अदब फाउंडेशन के चेयरमैन मितुल दीक्षित और असीम छाबड़ा ने रिलीज किया।
न्यूयॉर्क के रहने वाले फ्री लांस लेखक असीम छाबड़ा ने पर्सनल इंटरव्यू के साथ ही जानकारियों के माध्यम से यह किताब लिखी। इसमें इरफान खान के कई शेड्स हैं। इस मौके पर असीम छाबड़ा ने कहा कि भारतीय सेलिब्रेटी पर दो किताबें लिखने के बाद वह एक ऐसे एक्टर के जीवन पर किताब लिखना चाहते थे जो कि दूसरों से एकदम अलग हटकर हो। उन्होंने कहा कि किताब के लिए उनको ऐसा एक्टर चाहिए था जो कि काफी रोचक हो। उनको इरफान खान में सबसे ज्यादा अच्छा लगा कि उनका एक पैरलल करिअर है, क्योंकि वह बॉलीवुड में काम करने के साथ ही हॉलीवुड में भी काम कर चुके हैं।
इस मौके पर अदब फाउंडेशन के मितुल दीक्षित ने कहा कि अदब फाउंडेशन आर्ट, फोटोग्राफी, परफार्मिंग आर्ट्स, लिट्रेचटर से जुड़े वर्क को हाईलाइट करता रहता है। अदब फाउंडेशन के अंतर्गत चंडीगढ़ लिट्रेचर फेस्टिवल का आयोजन हर वर्ष किया जाता है। उन्होंने कहा कि इरफान खान पर लिखी किताब का विमोचन एक सेशन के साथ किया गया। असीम ने कहा कि वह खुद इरफान खान के एक बड़े फैन हैं। इसकी वजह है उन्होंने उनको हासिल, मकबूल और कई भारतीय फिल्मों में देखा है। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने लेखन के दौरान क्या चैलेंज फेस किए तो उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा चैलेंज रहा कि जब किताब लिखनी शुरू की इरफान खान को लंदन में न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर के ट्रीटमेंट के लिए लंदन शिफ्ट किया गया। वर्ष 2018 में वह इरफान खान के संपर्क में थे और इरफान खान यह जानते थे कि वह उनकी किताब पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इरफान खान से इंटरव्यू नहीं कर पाए। असीम ने बताया कि वर्ष 2006 में वह क्वींस न्यूयार्क में थे। उनको इंडिया से कॉल आई। दूसरी ओर से अवाज आई- हैल्लो क्या आप असीम छाबड़ा हैं। मैंने कह- हां। उसके बाद उन्होंने कहा कि सर मैं इरफान बोल रहा हूं, मुंबई से (सर आईएम इरफान खान फ्राम मुंबई..)। मैं एक स्ट्रीट कॉर्नर पर खड़ा हो गया, जहां से बस और कार आ जा रहे थे। इरफान खान फोन पर रहे। उन्होंने मेरे द्वारा मीरा नायर पर लिखा एक प्रोफाइल पढ़ा। इसमें मैने नेमसेक के बारे में लिखा था। इससे पहले सितंबर में मैंने टेल्यूराइड फिल्म फेस्टिवल के दौरान फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर देखा था। इरफान उस समय इंडिया में थे और उनको फिल्म देखनी बाकी थी, इसी वजह से वह फिल्म के बारे में मुझसे जानना चाहते थे, यह भी जानना चाहते थे कि फिल्म के बारे में मेरे क्या विचार हैं। मैंने उनको बताया कि मैंने फिल्म देखी और बहुत अच्छी लगी।