पंचकूला के बच्चों को डायरिया से बचाव के लिए अब रोटा वायरस वैक्सीन पिलाई जाएगी। इसकी शुरुआत पंचकूला के जनरल अस्पताल से कर दी गई है। यह वैक्सीन अप्रैल के दौरान पिलाई जाएगी।
पंचकूला के जनरल अस्पताल में सिविल सर्जन डा. वीके बंसल और पीएमओ डा. वीणा सिंह ने रोटावायरस की वैक्सीन की शुरुआत एक बच्चे को ड्राप पिलाकर की। उन्होंने बताया कि बच्चों में डायरिया की रोकथाम और डायरिया से लड़ने की क्षमता विकसित करने के लिए अप्रैल से रोटा वायरस वैक्सीन की पांच बूंदे पिलाई जाएंगी। बच्चों के 6, 10 और 14 हफ्ते का होने पर रोटा वायरस वैक्सीन सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में निशुल्क दी जाएगी।
इस मौके पर सिविल सर्जन डा. वीके बंसल, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ सुमन जैन, डिप्टी सिविल सर्जन के अतिरिक्त अन्य चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे। ध्यान रहे कि हरियाणा के अलावा हिमाचल, उड़ीसा और आंध्र प्रदेश में भी यह अभियान शुरू किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस वैक्सीनेशन के लिए पहले चरण में देश के चार राज्यों को चुना है। इस वैक्सीनेशन से छोटे बच्चों की डायरिया से मौत होने के मामलों में कमी आने का दावा किया गया है।
पोलियो के लिए शुरू हो रहा है आईपीवी
जिले में बच्चों को पोलियो के विरुद्ध दोहरी सुरक्षा देने के लिए इनएक्टिवेटड पोलियो वैक्सीन (आईपीवी) को नियमित टीकाकरण में शामिल किया जा रहा है। नियमित टीकाकरण सत्रों में एक साल से छोटे बच्चों को ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) की तीसरी डोज के साथ आईपीवी का इंजेक्शन दिया जाएगा। आईपीवी और ओपीवी दोनों ही बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ साथ पोलियो से दोहरी सुरक्षा प्रदान करेंगे।
जरा इस पर भी कीजिए गौर
डाक्टर वीके बंसल ने बताया कि ओपीवी की तीसरी खुराक के साथ आईपीवी इंजेक्शन दिए जाने के बाद भी शिशुओं को, जब तक कि वे 5 साल के नहीं हो जाते, नियमित टीकाकरण और पल्स पोलियो अभियानों के तहत ओपीवी की खुराक देना आवश्यक है।