लोकसभा और विधानसभा चुनाव में विपक्षी दलों के लिए काम करने का आरोप
सीएम नायब सिंह सैनी और मनोहर लाल भी उठा चुके हैं अधिकारियों पर सवाल
चंडीगढ़। हरियाणा में लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से सरकार के खिलाफ काम करने का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पूर्व सीएम मनोहर लाल के बाद अब भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और हरियाणा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने दो टूक कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका निष्पक्षता व तटस्थता की होनी चाहिए, इसलिए इन पर कार्रवाई जरूरी है।
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ का कहना है कि चुनाव के समय कई जगह अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं की और सामान्य कार्यकर्ता से भी आगे बढ़कर अधिकारियों और कर्मचारियों ने विपक्ष के लिए काम किया। अधिकारियों को अपनी मर्यादा नहीं भूलनी चाहिए, क्योंकि अधिकारियों का कर्तव्य निष्पक्ष काम करना होता है। धनखड़ के बयान के बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है।
गौर हो कि अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर मुख्यमंत्री ने विधायकों और हारे हुए प्रत्याशियों से बैठक की थी। बैठक में सभी हलकों से अधिकारियों और कर्मचारियों की रिपोर्ट ली गई थी। इसके बाद अब विधायक खुद ऐसे संदिग्ध अधिकारियों की सूची सीएम को सौंप चुके हैं। दूसरा, खुफिया विभाग की ओर से भी ऐसी एक सूची पहले ही सरकार को सौंपी जा चुकी है।
कार्रवाई को लेकर पेशोपेश में सरकार
लोकसभा चुनाव में भी यह मामला उठा था और सरकार ने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का ऐलान किया था। लेकिन सरकार ने विधानसभा चुनाव को देखते हुए ऐसा कोई कदम नहीं उठाया। विधानसभा चुनाव में खुलकर विपक्ष का साध देने से लेकर चुनाव ड्यूटी सही तरीके से नहीं निभाने का मामला फिर से सामने आया। लेकिन नई सरकार के गठन के सवा माह बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। गौर हो कि हरियाणा में 2.75 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी और अधिकारी हैं।