बिजली निगम ने भी कनेक्शन लेने के लिए आधार कार्ड को जरूरी बना दिया है। निगम का कंप्यूटर बिना आधार कार्ड के नए कनेक्शन को मंजूरी नहीं देगा। बिजली निगम का मानना है कि इस कदम से बिजली के डिफाल्टरों पर शिकंजा कसा जा सकेगा। बिजली निगम ने कंप्यूटर को भी इसी अनुसार अपडेट करना शुरू कर दिया है।
बिजली निगम ने डिफाल्टिंग केस को कम करने और कनेक्शन वितरण में फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। कनेक्शन के आवेदन की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन होने से एक बार आधार कार्ड जुड़ने के बाद निगम के पास उपभोक्ता का पूरा विवरण स्टोर हो जाएगा।
ऐसे में यदि कोई उपभोक्ता अपने निवास स्थान या बिजनेस या फैक्टरी को कहीं दूसरी जगह शिफ्ट कर निगम का बकाया हजम करने की कोशिश करेगा को तो वह सदा के लिए निगम के रिकॉर्ड में डिफाल्टर हो जाएगा।
यदि वह उपभोक्ता किसी दूसरे जिले या तहसील में कनेक्शन के लिए आवेदन करेगा तो निगम के साइट पर आधार नंबर डालते ही उसका पुराना लेखा-जोखा सामने आ जाएगा। ऐसे में निगम उससे पहले बकाया की रिकवरी करेगा और फिर नया कनेक्शन जारी करेगा।