चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से सस्ते रेट पर प्याज बिक्री की राह देख रहे शहरवासियों को अभी दस दिन और इंतजार करना होगा। प्रशासन की तरफ से भेजे गए पत्र पर केंद्र सरकार ने कहा कि अभी इंतजार करने को कहा है। बता दें कि प्रशासन ने कई दिन पहले ही घोषणा कर दी थी कि 60 से 65 रुपये प्रति किलो प्याज लोगों को मुहैया कराया जाएगा लेकिन अभी तक प्रशासन इसमें विफल रहा है।
प्याज के बढ़े दामों को लेकर जनता परेशान है। दाम बढ़ते जा रहे हैं और प्रशासन केवल आश्वासन तक ही सीमित रह गया है। प्याज के सस्ते दामों को लेकर बीते रोज प्रशासक ने सचिवालय में मीटिंग की थी। इसमें प्रशासन के आला अधिकारियों को सरकारी स्टॉल लगाकर लोगों को सस्ता प्याज बेचे जाने का आदेश दिया था लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी अब तक प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई रणनीति नहीं बनाई गई है।
केंद्र सरकार के कंज्यूमर अफेयर्स डिपार्टमेंट से आग्रह किया जा रहा है कि नेशनल एग्रीकल्चर कोऑपरेटिव मार्केटिग फेडरेशन ऑफ इंडिया को अच्छी गुणवत्ता के प्याज 60 से 65 रुपये प्रति किलो में उपलब्ध कराया जाए लेकिन अब केंद्र सरकार की तरफ से साफ कर दिया गया है कि सस्ते प्याज के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
पहले यहां लगे थे स्टॉल
दीपावली से पहले बढ़ी प्याज की कीमतों को लेकर हरकत में आए प्रशासन ने कई स्थानों में सस्ती दरों पर स्टॉल लगवाए थे। तब प्याज के दाम 60 रुपये के करीब थे और 100 रुपये किलो का आंकड़ा पार नहीं किया था। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने पांच स्थानों पर मौलीमाजरां, धनास, मलोया, राम दरबार और मनीमाजरा में ‘नो प्रॉफिट एंड नो लॉस’ पर प्याज के स्टॉल लगाए थे।
बाद में सेक्टर-26 में भी एक स्टॉल लगाया गया था। धनास और बुड़ैल के लिए दो मोबाइल वैन के जरिए योजना के तहत प्याज का वितरण किया गया। योजना के तहत विभाग के द्वारा हर परिवार को आधार कार्ड दिखाने पर 32 रुपये की दर से हर सप्ताह दो किलो प्याज का दिया गया। कुछ समय बाद ही यह स्टॉल बंद कर दिए गए।
मंडी में 90 रुपये किलो बिका प्याज
सोमवार को सेक्टर-26 की मंडी से प्याज के दाम में 10 रुपये की कमी आई। 100 रुपये में बिकने वाला प्याज 90 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा गया। अफगानी प्याज थोक में 78 रुपये प्रति किलो बिका तो वहीं खुदरा बाजार में यह प्याज 85 से 90 रुपये प्रति किलो बिका। अलवर का प्याज थोक में 75 रुपये प्रति किलो जबकि खुदरा बाजार में यह प्याज 80 से 85 रुपये प्रति किलो बिका। नासिक का प्याज थोक में 80 रुपये प्रति किलो बिका तो वहीं खुदरा बाजार में यह प्याज 85 से 90 रुपये प्रति किलो बिका।
इसलिए पैदा हुआ प्याज के लिए संकट
बीते दिनों कर्नाटक, नासिक, गुजरात में लगातार बारिश होने की वजह से नवंबर-दिसंबर में निकलने वाली प्याज की फसलें खराब हो गई हैं। यही कारण है कि लगातार प्याज की कीमतों में उछाल आ रहा है। फिलहाल दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्याज की आवक अलवर से हो रही है। केवल दो-तीन राज्यों से प्याज की सप्लाई होने के कारण डिमांड पूरी नहीं हो पा रही है।