पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से वीरवार को निकाले गए लेट फीस के नोटिस को लेकर छात्रों में गुस्सा है। उनका कहना है कि पीयू लॉकडाउन में भी आर्थिक रूप से कमजोर स्टूडेंट से यह रकम वसूलने का काम कर रहा है। छात्र संगठनों ने पीयू से सिफारिश की है कि किसी भी स्टूडेंट से लेट फीस न ली जाए। लॉकडाउन के कारण स्टूडेंट्स अपनी फीस नहीं जमा कर पाए थे। साथ ही डिपार्टमेंट और पीयू भी बंद चल रहा था। कहा कि पीयू को जल्द से जल्द रास्ता निकालकर इन स्टूडेंट्स को राहत देनी चाहिए।
इनसो भी छात्रों के लिए आगे आया
पंजाब यूनिवर्सिटी ने वीरवार को लेट फीस जमा करने को लेकर एक नोटिस निकाला था। जैसे ही इस नोटिस की सूचना स्टूडेंट्स को मिली तो उन्होंने इसका जवाब पीयू से मांगा कि पहले यह तय करें कि एग्जाम होगा या नहीं। पीयू ने स्टूडेंट के इस सवाल का जवाब तो अब तक नहीं दिया है, लेकिन स्टूडेंट्स ने एक और मुद्दा पीयू के सामने रख दिया है। इनसो छात्र संगठन की ओर से वीसी और कई अधिकारियों को ईमेल किया गया है। उसमें कहा है कि छात्रों से लेट फीस किसी तरह से न ली जाए। यह छात्र आर्थिक रूप से कमजोर हैं। साथ ही लॉकडाउन के कारण फीस जमा नहीं कर पाए थे। पीयू पहुंचने का इनके पास कोई चारा नहीं था।
क्या कहते हैं छात्र संघ
इस बारे में अंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने वीसी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि फीस न जमा करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या अधिक नहीं है। यह फीस मजबूरी के कारण नहीं जमा कर पाए थे, इसलिए इनसे लेट फीस कतई न ली जाए। साथ ही यह भी कहा है कि पीयू एग्जाम को लेकर अपनी स्थिति क्लियर करे।
परीक्षा की स्थिति स्पष्ट करे पीयू
पीयूसीएससी के ज्वाइन सेक्रेटरी मनप्रीत सिंह माहल ने भी वीसी को इस संबंध में पत्र लिखा है। इसके अलावा एग्जाम की स्थिति साफ करने को कहा है। साथ ही लेट फीस अधिक न लेने की गुजारिश की है। मालूम हो कि वीरवार को एनएसयूआई की ओर से भी वीसी समेत कई अधिकारियों को पत्र लिखे गए थे। उन्होंने कहा था कि जब परीक्षाएं पीयू नहीं करवाना चाहता है तो फिर लेट फीस क्यों ली जा रही है।
पीयू में आज से गर्मियों की छुट्टियां
पीयू में गर्मियों की छुट्टियां शनिवार से शुरू होने जा रही हैं। इसी के साथ टीचर्स अपना कार्य निपटाएंगे और स्टूडेंट्स घर पर रहेंगे। ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं हो पाएगी। कुछ कक्षाओं का कोर्स पूरा नहीं हो पाने के कारण छात्र चिंतित हैं। अगर परीक्षा हुई तो स्टूडेंट्स को नुकसान की चिंता सता रही है। हालांकि कई कक्षाओं का कोर्स समय पर ही टीचरों ने पूरा करवा दिया है।