पिछले साल जून महीने में अमृतसर पुलिस की ओर से गैंगस्टर जग्गू को मारने का बहाना बनाकर शिअद नेता मुखजीत सिंह मुक्खा को गोलियों से भूनने के मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को लेकर आखिर मुक्खा की विधवा को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर 14 मार्च तक जवाब देने को कहा है।
मुक्खा की विधवा हरजीत कौर ने एडवोकेट मोहिंदर सिंह के माध्यम से दायर याचिका में उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल को भी प्रतिवादी बनाते हुए कहा है कि उन्होंने घर पहुंच कर सांत्वना प्रकट की थी। याचिका में मांग की गई है कि मामले में रिपोर्ट जल्द दाखिल की जाए और पुलिस वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
यह है मामला
याचिका के मुताबिक पिछले साल 16 जून को मुक्खा अपनी आई-20 कार में वेरका के नजदीक मुधाल में अपनी कार में जा रहा था। पीछा कर रहे पुलिसवालों ने उसे रोक कर गोलियां मारीं और 23 गोलियां लगने से मुक्खा की मौत हो गई। उल्टा पुलिस ने सब इंस्पेक्टर रमेश कुमार की शिकायत पर मुक्खा के खिलाफ कत्ल के प्रयास का केस दर्ज कर लिया। बात बढ़ी तो सरकार ने आईजी राव की अध्यक्षता में एसआईटी बनाई। जांच में पुलिस की कहानी झूठी निकली लिहाजा, साफ है कि पुलिस ने मुक्खा की जानबूझ कर हत्या की।