बड़े नोट बंद होने की मार अब मरीज और उनके तिमारदारों पर पड़नी शुरू हो गई है। हिसार में नोटबंदी के दो साइड इफेक्ट सामने आए। पुराने नोट का इंतजाम न होने पर निजी अस्पताल प्रबंधन ने शव देने से इन्कार कर दिया।
मामले में डीसी के हस्तक्षेप के बाद पुराने नोटों का इंतजाम हुई और पूर्व सरपंच ने रिश्तेदार का शव अस्पताल से छुड़वाया। वहीं एक अन्य मामले में नई करेंसी न देने पर अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को डिस्चार्ज करने से मना कर दिया। बाद में हंगामे के बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया।
कापड़ो के पूर्व सरपंच हाल मिलगेट स्थित श्रीनगर निवासी रोशन लाल ने बताया कि उनके समधी का भाई सुलतान गांव उगालन निवासी अपने बेटे के पास रोहतक गया था। छत से नीचे गिरने पर घायल होने के बाद उन्हें गंभीर हालात में शहर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था।