महीने के पहले दिन सुबह 9 बजे से ही बैंकों व एटीएम के बाहर पैसे निकालने वालों की लाइनें लग गई थीं। इस दौरान सैलरी और पेंशन निकालने वालों की संख्या ज्यादा थी। सेक्टर-17 बैंक स्कॉवयर में तो सिर्फ चार एटीएम ही काम कर रहे थे।
वहीं, दूसरी तरफ बैंक अधिकारी कैश नहीं होने का रोना रो रहे थे। सेक्टर-17 में बैंकों व एटीएम में बड़ी संख्या में लोग सैलरी और पेंशन का पैसा निकालने के लिए पहुंचे, लेकिन सबको पैसा नहीं मिल पाया। कुछ को पैसे मिले लेकिन उनकी जरूरत से बहुत कम थे। लोगों का कहना था कि सरकार कहती है 24 हजार रुपये निकाल सकते हो, लेकिन जब बैंकों में नगदी नहीं होने के कारण चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बैंक कर्मचारी 6 हजार या 12 हजार रुपये दे रहे हैं।
सेक्टर-17 बैंक स्कॉवायर में पेंशन के 24 हजार रुपये निकालने पहुंचे सेक्टर-46 निवासी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उनको बैंक से सिर्फ छह हजार रुपये ही मिले। बैंककर्मी कहते है कि कैश ज्यादा नहीं है सबको पैसे बांटने हैं।
वहीं सेक्टर-32 निवासी यशपाल शर्मा का कहना था कि सैलरी आ चुकी है, लेकिन एटीएम से सिर्फ चार हजार रुपये ही निकाल पाए हैं। वह भी करीब एक घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद। यशपाल शर्मा ने कहा कि बैंक स्कॉवयर में लगभग हर बैंक का एटीएम है, लेकिन सिर्फ चार एटीएम में ही कैश है।
24 हजार निकालने आने वालों को दे रहे हैं सिर्फ छह हजार
एटीएम में उमड़ी जबरदस्त भीड़
बैंक अधिकारियों का कहना है कि बैंकों में कैश ही नहीं आ रहा है तो कहां से लोगों को दें। सेक्टर-32 स्थित बैंक ऑफ इंडिया के चीफ मैनेजर आरके सूद ने बताया कि बैंकों के पास कै श बहुत कम आ रहा है। बुधवार को बैंक के पास 30 लाख रुपये आए थे। जो कि लोगों को एटीएम व बैंकों के जरिए बांटे गए।
एक प्राइवेट बैंक में काम करने वाली बलप्रीत कौर ने बताया कि बैंकों के पास भरपूर मात्रा में कैश नहीं आ रहा है। अगर कोई 24 हजार रुपये निकालने आता है तो उससे आग्रह किया जाता है कि आप 12 हजार रुपये निकाल लें, ताकि दूसरे व्यक्ति को भी कैश मिल सके। ज्यादातर लोग तो मान जाते हैं जो नहीं मानता उसको 24 हजार रुपये देने पड़ते हैं।
वहीं कुछ प्राइवेट बैंकों के अधिकारियों का कहना है कि उनकी बैंकों की तुलना में सरकारी बैंकों को ज्यादा कैश मिल रहा है।
इस वजह उनकी बैंकें के एटीएम बंद पड़े है। वीरवार सुबह के समय 80 फीसदी एटीएम खाली पाए गए। उनमें दोपहर बाद ही कैश डाला गया। वह कुछ ही घंटों में खाली हो गए। लोगों का कहना है कि महीने की शुरुआत है मकान का किराया, बिजली- पानी का बिल, दूध वाले का बिल, बच्चों की फीस कैसे जमा करें। एटीएम से सिर्फ चार हजार निकल रहे है और ज्यादातर बैंक 24 हजार रुपये दे नहीं रहे हैं।