फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लगाम: साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए चंडीगढ़ में बनेगा उत्तर भारत का सबसे बड़ा सेंटर, आधुनिक उपकरणों से होगा लैस

Sat, 26 Feb 2022 09:55 AM IST
निवेदिता वर्मा संदीप खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

इस सेंटर के लिए एमएचए से अनुमति मिल गई है। इसमें अन्य प्रदेशों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण मिलेगा जिससे अपराधियों को पकड़ने में भी मदद मिलेगी 
 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए चंडीगढ़ में उत्तर भारत का सबसे बड़ा सेंटर बनेगा। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को एमएचए ने मंजूरी दे दी है। इस सेंटर का नाम सेंटर फोर साइबर सिक्योरिटी एंड ऑपरेशन (सेन्कॉप) होगा। यह सेंटर आधुनिक उपकरणों से लैस होगा। सेन्कॉप बनने के बाद यूटी पुलिस के पास हर तरह के एडवांस उपकरण, डाटा सेंटर और विशेषज्ञ होंगे। इसकी मदद से साइबर अपराध पर रोक लगाने और अपराधियों को तुरंत दबोच लिया जाएगा। 

विज्ञापन


पुलिस अधिकारी ने बताया कि चंडीगढ़ पुलिस के पास साइबर अपराधियों को लेकर उपकरणों की काफी कमी है, इसलिए सेन्कॉप बनाने के प्रस्ताव एमएचए को भेजा गया था। सेन्कॉपस बनने के बाद हिमाचल, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और उत्तर भारत की सारी पुलिस को चंडीगढ़ से मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आने वाले 10 सालों के बारे में सोचकर यह कदम उठाया है। बता दें कि शहर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। डेढ़ महीने में लगभग साढ़े छह सौ लोगों के साथ धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस के पास आई है।

पांच साल में  22,292 लोग जालसाजी के शिकार, सिर्फ 258 केस दर्ज 

जनवरी 2022 से अभी तक साइबर सेल के पास लगभग साढ़े छह सौ शिकायतें आई हैं। पुलिस ने पौने दो महीनों में 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। पांच साल में 22,292 लोग सिटी ब्यूटीफुल में जालसाजों का शिकार हुए। सबसे ज्यादा 6537 मामले 2020 में सामने आए। हालांकि पुलिस ने शिकायतों पर जांच कर मामलों का निपटारा कर दिया है। पुलिस के अनुसार वर्तमान में पुलिस के पास 3900 शिकायतें लंबित हैं। हैरानी की बात तो यह है कि पांच सालों 258 केस दर्ज हुए और गिरफ्तारी मात्र 129 लोगों की हुई। साइबर सेल के अनुसार लोगों के मोबाइल और ईमेल पर लिंक भेजकर धोखाधड़ी की जा रही है। उस लिंक पर क्लिक करते ही लोगों के बैंक अकाउंट से जुड़ा विवरण शातिरों तक पहुंच जाता है और बड़े आराम से वह चूना लगा देते हैं। इन दिनों नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी कर रहे हैं। साइबर सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर हरिओम ने बताया कि किसी भी अंजान व्यक्ति को अपने बैंक खाते से संबंधित जानकारी न दें। बता दें कि शातिरों ने पूर्व बीएसएफ कमांडेंट, विंग कमांडर, कर्नल की पत्नी समेत कई बड़े अधिकारियों के साथ ठगी की है।

1930 पर कॉल कर साइबर अपराध की तुरंत करवाएं शिकायत 

पुलिस ने बताया कि पीड़ितों को 155260 की जगह 1930 हेल्प लाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करानी होगी। इस नंबर को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है। अगर आपके साथ किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है तो सबसे पहले हेल्पनाइन नंबर 1930 डायल करें और अपनी शिकायत को फाइनेंशियल क्राइम रिपोर्ट पोर्टल पर दर्ज करें। कॉल करने के बाद बैंक को भी इसकी जानकारी पहुंचेगी और पीड़ित के बैंक खाते को तुरंत ब्लॉक कर दिया जाएगा। 

सोशल मीडिया पर पुलिस के साथ जुड़ें

बढ़ते साइबर अपराध को लेकर साइबर सेल सोशल मीडिया पर एक्टिव हो गई है। पुलिस ने इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्वीटर और यू ट्यूब पर अकाउंट बनाया है। यहां पुलिस आए दिन रोजाना लोगों को जागरूक कर रही है। पुलिस ने बताया कि लोगों को सोशल मीडिया पर पुलिस के साथ जुड़ना चाहिए, ताकि वह जागरूक हो सकें और दूसरों को भी जागरूक करें। पुलिस शहर के स्कूलों में जाकर बच्चों को भी जागरूक कर रही है। अभी तक 1500 बच्चों को पुलिस ने स्कूल में जाकर जागरूक किया है।

इस वर्ष पुलिस की सबसे तेज रही कार्रवाई

साइबर सेल ने वर्ष 2022 में देश के अलग अलग जिलों से 13 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर सेल के प्रभारी हरिओम शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने बिहार, महाराष्ट्र, झारखंड व अन्य जगहों से नाईजीरियन समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जनवरी में 9 और फरवरी में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

साल                   शिकायतें             एफआईआर दर्ज                  गिरफ्तार

विज्ञापन

2017                    2242                    43                                  32
2018                    3164                    35                                  16  
2019                     4793                    35                                  13  
2020                     6537                    80                                  33
2021                     5556                    65                                  35

साइबर अपराध के मामलों को देखते हुए चंडीगढ़ में एक सेंटर बनाने के लिए एमएचए को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे एमएचए ने मंजूरी दे दी है। सेक्टर-19 में सेंटर बनेगा, जिसका नाम सेन्कॉप होगा। इसमें ऑनलाइन ठगों को पकड़ने के लिए हर तरह के टेक्निकल सिस्टम और उपकरण होंगे। उत्तर भारत की पुलिस को सेन्कॉप से मदद मिलेगी। उत्तर भारत की पुलिस को साइबर अपराध के बारे में स्पेशल ट्रेनिंग भी दी जाएगी।  -ओमवीर बिश्नोई, आईजी चंडीगढ़

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें