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मंत्री अनिल जोशी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट

Tue, 06 May 2014 09:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
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अमृतसर के दो वकीलों को ब्लैकमेलर कहने, एक वकील के मैरिज पैलेस को नगर निगम अधिकारियों से तुड़वाने व अपनी व परिवार के सदस्यों की डबल वोटें बनाने के मामलों में फंसे कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी की समस्याएं बढ़ गई हैं। अमृतसर के जेएमआईसी पीए गोत्रा की अदालत ने उक्त मामलों में अनिल जोशी की अदालत में पेशी की छूट को पूर्ण रूप में रद्द करते हुए उनकी जमानतों को भी रद्द कर दिया है।
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अदालत ने अपने आदेशों में अनिल जोशी को अदालत में पेश होने के लगातार नजर अंदाज किए जाने को मुख्य रखते हुए उसकी जमानतें और जमानत बांड को भी रद्द करते हुए 20 मई के लिए गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं।

अब जोशी को 20 मई या इससे पहले अदालत में पेश होकर दोबारा अपनी जमानतें करवानी पड़ेंगी। अदालत ने यह भी नोटिस लिया कि अनिल जोशी अदालत को पहले सूचित किए बिना किस तरह शहर छोड़ कर बाहर चले गए हैं।
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राजनीतिक रंजिश निकालने के लगे आरोप

मामले में शिकायतकर्ता एडवोकेट संदीप गौरसी और एडवोकेट वनीत महाजन ने देर शाम मीडिया के सामने आरोप लगाया कि अनिल जोशी ने पुरानी राजनीतिक रंजिश के चलते उनके एक मैरिज पैलेस का कुछ हिस्सा गैर कानूनी रास्ता अपना कर अक्टूबर 2012 में नगर निगम के तत्कालीन कमिश्नर धर्मपाल गुप्ता, एटीपी देस राज, एटीपी नरिंदर शर्मा और बिल्डिंग इंस्पेक्टर रंधावा की सहायता से तुड़वाने की कोशिश की।

बाद ने अनिल जोशी ने अपने बयान देकर दोनों वकीलों को ब्लैक मेलर कहा। वकीलों की ओर से चुनाव आयोग के पास अनिल जोशी की ओर से बनवाई गई अपनी दो दो वोटों को मामला उठाया था।

इस के चलते लगातार वकीलों को धमकियां मिल रही थीं। इसको मुख्य रख वकीलों की ओर से अनिल जोशी के खिलाफ अदालत में तीन अलग अलग केस दायर कर दिए थे। तीनों के क्रिमिनल केस थे।
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किसी भी तारीख पर अदालत में पेश नहीं हुए

अनिल जोशी की ओर से तीनों केसों में अलग अलग जमानतें करवाई थीं। बाद में अनिल जोशी किसी भी तारीख पर अदालत में पेश नहीं हुए और अपने वकील के माध्यम से अदालत में पेशी से छूट की अर्जी भेज देते थे और खुद अदालत में पेश नहीं होते थे।

जोशी के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं इसलिए अदालत में जोशी की पेशी जरूरी है। इसे मुख्य रखते हुए अदालत ने जोशी की अदालत से पेशी की छूट लेने की अर्जी को पूर्ण रूप में रद्द करते हुए उसकी जमानतें और जमानत बांड भी रद्द कर दिए हैं। अदालत में जोशी के 20 मई के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं।
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