चंडीगढ़। बिना मंजूरी के हाउसिंग बोर्ड का प्रोजेक्ट शुरू करने के मामले में सीजेएम डॉ. अमनइंद्र सिंह की अदालत ने गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स (जीबीपी) ग्रुप के निदेशक के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इस मामले में जीबीपी के खिलाफ पंजाब रियल एस्टेट रेगुलेटरी एक्ट (रेरा) अथॉरिटी की ओर से एडवोकेट सिद्धार्थ पंडित ने जिला अदालत में मुकदमा दायर किया है।
अदालत ने इस मामले में जीबीपी के तीनों निदेशकों सतीश कुमार गुप्ता, प्रदीप कुमार गुप्ता और रमन कुमार गुप्ता को पेश होने के लिए समन भेेजा था लेकिन कोई भी पेश नहीं हुआ। पिछली सुनवाई पर अदालत ने तीनों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए थे। सोमवार भी सुनवाई के दौरान आरोपी पेश नहीं हुए। इस पर अदालत ने आरोपियों के गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए। अब अगली सुनवाई नौ अगस्त को होगी।
एडवोकेट सिद्धार्थ पंडित बताते हैं कि पहली बार रेरा अथॉरिटी ने किसी बिल्डर के खिलाफ शिकायत दी है। यह मामला रेरा के सचिव चरनदेव सिंह मान की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में उन्होंने बताया कि कोई भी प्रमोटर बिना रेरा में अपना प्रोजेक्ट पंजीकृत करवाए और बिना रेरा की मंजूरी के कोई भी प्लॉट, अपार्टमेंट या बिल्डिंग को न तो बेच सकता है और न ही उसकी मार्केटिंग कर सकता है। जीबीपी ग्रुप ने न्यू चंडीगढ़ तोगां में जीबीपी स्मार्ट सिटी और ढकोली में सिटी सेंट्रल नाम के अपने प्रोजेक्ट बिना रेरा में पंजीकृत करवाए ही शुरू कर दिए थे। इसके कारण रेरा ने मई 2019 को जीबीपी पर सवा 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। जुर्माने की रकम न चुकाने पर रेरा ने जीबीपी के खिलाफ जिला अदालत में केस फाइल कर दिया था।