पंजाब में भारत पाकिस्तान बॉर्डर से सटे खेतों में खेती करने वाले पाकिस्तानी किसान अब सतलुज दरिया के पानी का लाभ नहीं उठा सकेंगे। लंबे समय से हुसैनीवाला हैड के गेटों की खस्ता हालत के कारण दरिया का पानी रिसकर पाक की तरफ जा रहा था, जिससे पाक के खेतों में हरियाली थी। अब हुसैनीवाला और हरिके पत्तन हेड के गेटों की मरम्मत की जा रही है, जिससे पानी पाक नहीं जाएगा। इस पानी का लाभ सरहद पर बसे भारतीय किसान उठाएंगे।
सिंचाई विभाग के एसडीओ रैंक के एक अधिकारी ने बताया कि हुसैनीवाला हैड के गेटों की खस्ता हालत होने के कारण सतलुज दरिया का पानी रिस कर पाकिस्तान की तरफ जा रहा था। पाकिस्तान के किसान दरिया के पानी से खेतों की सिंचाई कर अनाज पैदा कर रहे थे। अब हुसैनीवाला हैड के गेटों का मरम्मत कार्य शुरू हो चुका है, पंजाब सरकार एक बूंद पानी भी पाक की तरफ नहीं जाने देगी, इससे पाकिस्तान के किसानों को बहुत नुकसान होगा।
पिछले कई सालों से पाक किसान दरिया के पानी से ही खेती कर रहे थे। वहीं मछुआरे दरिया से मछली पकड़कर रहे थे। पंजाब सरकार ने हरिके पत्तन हेड के गेटों की भी मरम्मत करवा ली है, उस तरफ से भी पाक को पानी नहीं जाएगा। हरिके पत्तन से लेकर हुसैनीवाला बार्डर तक लगभग सात बार दरिया का पानी पाक में प्रवेश होकर भारत में घुसता था।
अब बीएसएफ भी पाक की तरफ जिन रास्तों से दरिया का पानी प्रवेश होता था और फिर पाक से भारत में पानी प्रवेश होता था, उन संवेदनशील रास्तों पर फेंसिंग लगाकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त कर सकेंगे, इन्हीं रास्तों के जरिए पाक तस्कर हेरोइन व असलहा की तस्करी और आईएसआई के एजेंट घुसपैठ करते थे। हुसैनीवाला हेड के गेटों की मरम्मत पर लगभग ढ़ाई करोड़ रुपये खर्च होंगे। मरम्मत से तस्करी और घुसपैठ पर बीएसएफ को लगाम लगने में आसानी से होगी।