कई जगह दिखी नाकामी
अमृतसर (ग्रामीण) के एसएसपी सतिंदर सिंह और जालंधर के एआईजी (काउंटर इंटेलिजेंस) नवजोत महल सहित दो पुलिस अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि अमृतपाल और उसका सहयोगी पपलप्रीत 27 मार्च को गुरुद्वारा जन्म स्थान संत बाबा निदान सिंह, नदलोन गांव, होशियारपुर पहुंचे थे।
उन्हें यह भी जानकारी थी कि दोनों 28 मार्च की शाम को नए स्थान पर चले जाएंगे। अमृतपाल सिंह गुरुद्वारा प्रमुख जत्थेदार गुरमीत सिंह के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ था। अमृतपाल सिंह जब गुरुद्वारा साहब में था, तो जत्थेदार गुरमीत सिंह अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की ओर से बुलाई गई बैठक में भाग लेने के लिए अमृतसर गए थे। वहां उन्होंने अमृतपाल के समर्पण की बात कही थी।
सूत्रों के मुताबिक काउंटर इंटेलिजेंस के अधिकारी नवजोत सिंह माहल व अमृतसर देहाती के एसएसपी सतिंदर सिंह को इसकी जानकारी मिल गई थी। दोनों ने मिलकर ऑपरेशन चलाया, लेकिन पांच बजे से तैयार बैठी होशियारपुर पुलिस को तब मौके पर बुलाया गया, जब अमृतपाल सिंह निकल गया।
गुरुद्वारा प्रमुख गुरमीत सिंह ने कहा, जब तक पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं, वह कोई विवरण नहीं दे सकते। अमृतपाल 4 फरवरी को भी हमारे यहां आमंत्रित थे, जब हमने अपने संस्थापक बाबा निदान सिंह की जयंती के अवसर पर एक विशाल सभा का आयोजन किया था। इस घटना के पोस्टर अभी भी गुरुद्वारे की दीवारों पर देखे जा सकते हैं।