अक्सर कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों को ब्रीफिंग करने वाले वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल से जब पत्रकारों ने सिद्धू के मुद्दे पर सवाल किया तो वे भी नो कमेंट कह कर चले गए। दूसरी ओर, पता चला है कि इस सारे मामले को शांत करने में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के निर्देशों ने काम किया है। रविवार रात आलाकमान द्वारा कैप्टन अमरिंदर सिंह को सारे हालात की जानकारी देते हुए साफ कर दिया कि सिद्धू के खिलाफ पार्टी में गलत बयानबाजी पार्टी को राजस्थान चुनाव में नुकसान पहुंचा सकती है।
दरअसल आलाकमान इस बात से परेशान है कि सिद्धू के खिलाफ पंजाब कांग्रेस में उभरे विरोध को लेकर चुनाव वाले राज्यों में मीडिया कांग्रेस नेताओं से सवाल कर रहा है। नवजोत सिद्धू तेलंगाना में पार्टी के चुनाव प्रचार के बाद अब राजस्थान में चुनाव प्रचार करने पहुंचे हैं। वहीं पंजाब के मंत्री साधू सिंह धर्मसोत और पंजाब कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ भी राजस्थान में प्रचार अभियान में लगे हैं।
सिद्धू के विरोध से पलटे तृप्त बाजवा
कैप्टन के खिलाफ सिद्धू की बयानबाजी का सबसे पहले विरोध करने वाले कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह सोमवार को बदले-बदले से नजर आए। सोमवार को जब वे कैबिनेट की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे तो पत्रकारों से सिद्धू से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा कि सिद्धू का मुद्दा अब खत्म करो। सिद्धू का स्पष्टीकरण आ चुका है, जिसमें उन्होंने साफ कर दिया है कि कैप्टन उनके लीडर हैं और वे खुद कैप्टन से मिलकर सारी बात रखेंगे।
बाजवा ने कहा कि इसके बाद सिद्धू को लेकर किसी तरह की चर्चा करने की जरूरत नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि सिद्धू ने स्पष्ट किया है कि मीडिया द्वारा उनकी प्रेस कांफ्रेंस को अधूरा दिखाया गया जबकि उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपने पिता समान भी कहा था, जिसे मीडिया ने छिपा लिया।