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पीयू में फीस रोलबैक से कोर कमेटी का इंकार, बरकरार रहेगी रार

Fri, 28 Apr 2017 09:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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फीस रोलबैक पर नहीं बनी बात - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब यूनिवर्सिटी में वीरवार को हुई कोर कमेटी की बैठक में फीस वृद्धि मसले पर चर्चा तो जरूर हुई लेकिन इसे वापस लेने से कमेटी ने साफ इंकार कर दिया है। उधर, छात्र संगठनों का कहना है फीस वृद्धि वापस नहीं लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। बैठक में वीसी अरुण ग्रोवर, पूर्व सांसद सत्यपाल जैन, पूर्व कैबिनेट मंत्री पवन बंसल, चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन, प्रोफेसर रौनकी राम, पूर्व वीसी आरपी बाम्बा, छात्र नेता निशांत कौशल, करण रंधावा, आशिक, अमित कौशिक, साहिल कंबोज, सुमित इत्यादि उपस्थित रहे।
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वीसी ने बताईं आर्थिक मजबूरियां
कोर कमेटी की बैठक में वीसी ग्रोवर ने सभी सदस्यों के समक्ष पंजाब के वित्तमंत्री और यूजीसी के अफसरों के साथ हुई बैठक का ब्योरा रखा। साथ ही पीयू के आय और व्यय की स्थिति से भी अवगत करवाया। वीसी ने कहा कि फीस वृद्धि पूरी तरह से रोलबैक नहीं हो सकती। लेकिन जरूरतमंद छात्रों की फीस में छूट प्रावधान पर विचार किया जाएगा।

वीसी ने बताया कि पीयू अपनी अतिरिक्त आय बढ़ाने व खर्च कम करने में पूरी तरह जुटी है। उधर, छात्रों ने भी कमेटी के सामने फीस वृद्धि वापस करने की मांग रखी और कमेटी को पीयू को अपने खर्च कम करने के सुझाव भी दिए। 
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टंडन बोले- पेड सीट का प्रावधान करो, सत्यपाल ने कहा- बिल्कुल गलत

पवन बंसल से बात करते छात्र - फोटो : अमर उजाला
कोर कमेटी की बैठक में पहुंचे चंडीगढ़ भाजपा के अध्यक्ष संजय टंडन ने सुझाव दिया कि पीयू को अपनी अतिरिक्त आय बढ़ाने के लिए विभिन्न कोर्सों में पेड सीटों का प्रावधान करना चाहिए। लेकिन उनके प्रस्ताव को पूर्व सांसद सत्यपाल जैन ने कड़ा विरोध किया। उन्होंने कोर कमेटी में साफ कहा कि ये सुझाव उचित नहीं है। उनके अनुसार इससे न केवल अमीर व गरीब छात्रों के बीच खाई बढ़ जाएगी, बल्कि गरीब घर के होनहार छात्र पीयू में एडमिशन लेने से वंचित रह जाएगी। 

फीस वृद्धि बहुत ज्यादा हद तक की गई है। लिहाजा छात्रों का गुस्सा और आंदोलन जायज है। 
-पवन बंसल, पूर्व कैबीनेट मंत्री

केंद्र सरकार अपनी जिम्मेवारी से विमुख नहीं है। सरकार मदद करेगी, लेकिन पीयू को भी अपनी अतिरिक्त आय बढ़ानी होगी। छात्रों ने व्यय कम करने के जो सुझाव दिए हैं, पीयू को उस पर भी काम करना होगा। फैसला ऐसा होना चाहिए जो सर्वमान्य हो और सभी के हित में हो।
-सत्यपाल जैन, पूर्व सांसद

मीटिंग में वही हुआ है, जो होना था ढाक के तीन पात। मीटिंग में कुछ भी खास फैसला नहीं हुआ। फीसवृद्धि पर कोई रोलबैक नहीं हुआ। 
-संजय टंडन, अध्यक्ष, चंडीगढ़ भाजपा-

बैठक में सभी ने अपनी बात रखीं। छात्रों के सुझाव भी सुने गए। लेकिन पूरी तरह फीसवृद्धि रोलबैक संभव नहीं है।
-अरुण ग्रोवर, वाइस चांसलर, पंजाब यूनिवर्सिटी
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