भाजपा नेता सिंगला ने आरोप लगाया था कि पिछली कांग्रेस सरकार में मंत्री रहते हुए बादल ने दो वाणिज्यिक भूखंडों को अपने लिए आवासीय भूखंड में बदलने की खातिर अपने पद का दुरुपयोग किया था। इस संबंध में धोखाधड़ी और जालसाजी समेत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों में मामला दर्ज किया गया था।
विजिलेंस के अनुसार बादल ने मॉडल टाउन बठिंडा में 1,560 वर्ग गज के दो भूखंड खरीदने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया, जिससे राज्य के खजाने को लाखों रुपये का नुकसान हुआ। दायर याचिका में मनप्रीत ने अपने आप को निर्दोष व राजनीतिक बदले का शिकार बताया है।
मनप्रीत के अनुसार अगर प्लॉट खरीद मामले में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो इसके लिए पूरी तरह से बीडीए अधिकारी जिम्मेदार हैं। जमानत अर्जी के अनुसार मनप्रीत बादल ने बीडीए अधिकारियों पर कोई दबाव नहीं डाला। अगर प्लॉटों की बोली के दौरान ऑनलाइन नक्शे अपलोड नहीं हुए और उक्त प्लॉटों की लोकेशन नहीं मिली तो इसमें याची की कोई गलती नहीं है।
ब्यूरो ने बठिंडा में एक संपत्ति की खरीद में कथित अनियमितताओं के संबंध में मनप्रीत बादल और पांच अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मनप्रीत बादल के खिलाफ बठिंडा की अदालत ने पिछले महीने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इससे पहले उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया था।