चंडीगढ़। शहर के किसी भी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं। पशुपालन विभाग के अधिकारी पिछले कई दिनों से मुर्गी पालकों पर नजर रखे हुए थे। अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें किसी भी मुर्गी में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं। न ही कोई असामान्य मृत्यु हुई है। इससे प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।
बर्ड फ्लू के एहतियातन प्रशासन ने मुर्गी पालकों को जागरूक करने के लिए एक जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान पशुपालन विभाग द्वारा चलाया जा रहा है। विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. कंवरजीत सिंह ने बताया कि बर्ड फ्लू को लेकर शहर में किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। सभी रिपोर्ट निगेटिव हैं। उन्होंने बताया कि विभाग ने दो दिनों में कुल 165 नमूने एकत्रित किए हैं, जो सुखना लेक, धनास लेक और 21 मार्केट, सारंगपुर व अन्य जगहों से लिए गए हैं। बुधवार को ये सैंपल जांच के लिए जालंधर भेजे जाएंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि यह सामान्य प्रक्रिया है। हर 15 दिन बाद वह नमूने जांच के लिए भेजते हैं।
पक्षियों के मरने का सिलसिला जारी, अधिकारी बोले- घबराने की जरूरत नहीं
पर्यावरण विभाग के अनुसार, सेक्टर-38 के एसपीसीए से एक कौआ, सेक्टर-21 से एक कबूतर, सेक्टर-25 से 5 कौए, मनीमाजरा के जंगल एरिया से एक कौआ, मनीमाजरा के रिहायशी इलाके से 5 कौए और धनास की लेक में एक ऐसा पक्षी मृत मिला है, जिसकी अभी विभाग पहचान नहीं कर पाया है। इस पर अधिकारियों का कहना है कि पक्षियों की मौत से शहरवासियों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन फिर भी एहतिहात के तौर पर विभाग की कई टीमें जांच कर रही हैं। गौरतलब है कि शहर में अब तक करीब 136 पक्षियों की मौत हो चुकी है।