श्मशान घाट पर अब प्रियजनों की अस्थियों को पेड़ों पर लटका कर रखना पड़ रहा है।
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चंडीगढ़। कोरोना वायरस के संक्रमण और कर्फ्यू के चलते शहर पूरी तरह से लॉकडाउन है। वहीं, शहर के सेक्टर 25 स्थित श्मशानघाट में अस्थियों के रखरखाव को लेकर चंडीगढ़ महिला कांग्रेस की अध्यक्षा दीपा दुबे ने चिंता जताई है।
दीपा दुबे ने बताया कि शनिवार को सेक्टर 25 के श्मशानघाट में किसी जानकार के संस्कार में शामिल होने के लिए गई थी। वहां देखा कि लॉकर अस्थियों से पूरी तरह भरे हुए थे। अस्थियां बाहर पड़ी थीं। कुछ पेड़ों में अस्थियों के घड़ों को बांध रखा था। इसे लेकर दीपा दुबे ने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को पत्र लिखकर समाधान निकालने को कहा है।
बता दें कि लॉकडाउन में सब कुछ बंद हो गया है, लेकिन श्मशानघाट ऐसी जगह है, जहां पर मृतकों का आना बंद नहीं हुआ है। अग्नि देने के बाद मृतकों का अस्थि विसर्जन न हो पाना दुखद है। श्मशानघाट में प्रशासन की ओर से अस्थियों के लिए जो लॉकर की सुविधा है, वह फुल हो चुकी है। अब आलम यह है कि लोग अपने प्रियजनों की अस्थियां श्मशानघाट के पीपल के पेड़ों पर बांधकर जा रहे हैं। कुछ लोगों को डर है कि ये अस्थियां किसी और से बदल न जाएं।
अपने घरों के पास पीपल के पेड़ पर पोटली बनाकर या छोटे मिट्टी के लोटे में रखकर लटका रहे हैं। देखा गया कि जब लॉकडाउन खुलेगा तो पूरे देश से लोग अपने प्रियजनों की अस्थियां लेकर हरिद्वार, कीरतपुर साहिब या फिर अन्य जगह पर जाना चाहते हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर 25 श्मशानघाट में प्रतिदिन मृतकों की संख्या 15 से 20 है। उन्होंने कहा कि प्रशासक खुद देखें कि आने वाले समय में यह समस्या कितना भयानक रूप लेगी।