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चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव: मतदात पर्चियों पर न फोटो न पता, पार्टियों का आरोप-फर्जी मतदान को मिलेगा बढ़ावा

Thu, 23 Dec 2021 10:50 AM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

फोटो और घर का पता नहीं होने की वजह से आधे शहर में मतदाता पर्ची नहीं पहुंची है। कालोनियों में समस्या ज्यादा है, क्योंकि एक नाम के कई लोग हैं और उससे व्यक्ति की पहचान कर पाना बेहद मुश्किल है।
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चुनाव आयोग की तरफ से बांटी जा रही पर्ची। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में वोट डालने के लिए चुनाव आयोग की ओर से मतदाता पर्ची वितरित की जा रही है, लेकिन इन पर्चियों पर इस बार न तो मतदाता की फोटो है, न ही घर का पता। इससे एक ओर जहां आयोग के कर्मचारियों को पर्ची वितरण में परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं, राजनीतिक पार्टियों ने भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस लापरवाही से फर्जी मतदान को बढ़ावा मिलेगा।

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आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम गर्ग ने बताया कि उन्हें फोटो मतदाता सूची देने से इनकार कर दिया गया है। वह सेक्टर-18 में सभी रिटर्निंग ऑफिसर, चुनाव आयोग के अधिकारियों और सेक्टर-17 में राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों से पूछ चुके हैं कि इस बार पर्चियां बिना फोटो और पते के क्यों दी जा रही हैं, लेकिन हर कोई एक दूसरे पर बात टाल रहा है। मतदाताओं की फोटो वाली मतदाता सूची लेने के लिए किससे संपर्क किया जाए, यह कोई नहीं बता रहा।

मिलनी चाहिए फोटो वाली सूची

गर्ग ने कहा कि बुधवार को रिटर्निंग अधिकारियों ने राज्य चुनाव आयोग से संपर्क करने का सुझाव दिया। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग में अनिल कंबोज को फोन किया। वहां से जवाब मिला कि आयोग फोटो के साथ मतदाता सूची नहीं दे रहा है। गर्ग ने कहा कि ये अनुचित और गैर कानूनी है। चुनाव आयोग को मतदान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और फर्जी मतदान से बचने के लिए सीडी या पेन ड्राइव पर उम्मीदवारों को ये सूची मुफ्त में देनी चाहिए। कोई उम्मीदवार या उसका एजेंट कैसे जान सकता है कि बिना फोटो वाली मतदाता सूची से फर्जी वोट नहीं डाले जा रहे हैं।

बिना फोटो, मकान नंबर के कॉलोनियों में मतदाता तक पहुंचना बेहद मुश्किल

नगर निगम चुनाव को लेकर बनाए गए आजाद फ्रंट के संयोजक शशि शंकर तिवारी ने कहा कि ये चुनाव आयोग की बड़ी लापरवाही है। इससे पता चलता है कि आयोग ने पूरी तैयारी नहीं की है। फोटो और घर का पता नहीं होने की वजह से आधे शहर में मतदाता पर्ची नहीं पहुंची है। कालोनियों में समस्या ज्यादा है, क्योंकि एक नाम के कई लोग हैं और उससे व्यक्ति की पहचान कर पाना बेहद मुश्किल है। आयोग की इस गलती की वजह से मतदान प्रतिशत में भी गिरावट आएगी। तिवारी ने कहा कि उनकी कई बीएलओ से बात हुई है, उन्हें भी काफी परेशानी हो रही है। ये किन कारणों से किया जा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए।

अगर आपको अब तक नहीं मिली पर्ची तो यहां करें संपर्क

शुक्रवार को मतदान के लिए राज्य चुनाव आयोग वार्ड नंबर-एक से 35 के मतदाताओं को मतदाता पर्ची बांट रहा है। अगर किसी को अब तक पर्ची नहीं मिली है तो वह सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे के बीच एआरओ-नोडल अधिकारी ज्ञानेश्वर शुक्ला 9988301431, सुपरवाइजर (एरिया ईस्ट) राम सुंदर यादव 7696590982, सुपरवाइजर (एरिया साउथ) बहादुर सिंह 9814032501 और सुपरवाइजर (एरिया सेंट्रल) संदीप जून 8437859166 से संपर्क कर सकते हैं।

पति को बनाया रिश्तेदार

राज्य चुनाव आयोग ने पहले सभी महिला उम्मीदवारों के पतियों को उनका पिता बना दिया था। अब मतदाता पर्ची में मतदाता के नाम के बाद पति या पिता की जगह रिश्तेदार कर दिया है। इससे कई महिला मतदाताओं के पति भी रिश्तेदार बन गए हैं। लोगों का कहना है कि आयोग की अधूरी तैयारी की वजह से ये सब गलतियां हो रही हैं। एक छोटे शहर में चुनाव कराने में इतनी ज्यादा गलतियां होना, चिंता की बात है।

चुनाव आयोग की तरफ से ही इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। आयोग की वेबसाइट पर भी फोटो नहीं है। फोटो का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है, इस वजह से फोटो नहीं लगाई गई है।   - के भंडारी, ओएसडी राज्य चुनाव आयोग

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