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जब 6 घंटे इतंजार के बावजूद नहीं मिली पेंशन

Fri, 24 Jan 2014 04:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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लकवे से पीड़ित 70 वर्षीय कजहेड़ी निवासी निर्मलाजब दसवीं बार सेक्टर-43 स्थित ई संपर्क सेंटर में पेंशन लेने पहुंची तो उन्हें पेंशन मिलने की पूरी उम्मीद थी।
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लेकिन, छह घंटे के इंतजार के बाद भी उन्हें पेंशन नहीं मिली और उन्हें एक बार फिर बिना पेंशन लिए निराश होकर लौटना पड़ा।

उन्हें पेंशन लेने के लिए सिर्फ इसलिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है क्योंकि उनके अंगूठे के इंप्रैशन आधार कार्ड बनवाने के दौरान लिए गए इंप्रैशन से मैच नहीं कर रहे थे। यह परेशानी सिर्फ निर्मला की ही नहीं थी।

शहर के कई अन्य बुजुर्ग भी अंगूठे का इंप्रैशन मैच न होने से पेंशन के लिए कई दिनों से ऐसे ही भटक रहे हैं। समाज कल्याण विभाग की ओर से हर बार उन्हें आश्वासन दे दिया जाता है कि उन्हें पेंशन जल्द मिल जाएगी। लेकिन, इस आश्वासन के बाद भी उन्हें पेंशन नहीं मिल रही है।
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सेक्टर-43 स्थित ई संपर्क सेंटर के अलावा अन्य सेंटरों पर भी कई बुजुर्ग पहुंचे थे। लेकिन, शाम तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें पेंशन नहीं मिली।

पेंशन लेने के लिए पहुंचे बुजुर्ग सुबह आठ बजे ही ई संपर्क सेंटरों पर पहुंच गए थे और को लगभग चार बजे तक वह भूखे पेट इस आस में खड़े रहे कि उन्हें पेंशन मिल जाएगी।

कुछ बुजुर्गों को तो गुस्सा आ गया और उनकी आंखों में आंसू भी आ गए थे। उनका कहना था कि पहले उन्हें कभी पेंशन मिलने में दिक्कत नहीं आती थी।

लेकिन जब से इसे आधार के साथ लिंक किया गया है तब से उन्हें हर बार इस तरह की दिक्कत आती है। अगर अंगूठे के इंप्रैशन मैच नहीं करते हैंतो इनमें उनकी क्या गलती है?

सेक्टर 45 निवासी 80 वर्षीय अमरजीत कौर ने बताया कि वह इस सेंटर के कई बार चक्कर काट चुकी हैं और कई बार उनके हाथों के निशान लिए।

लेकिन, अंगूठे के इँप्रैशन मैच न होने के कारण उन्हें समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में जाकर दस्तावेज जमा करने को कहा गया। वहां गए तो उन्होंने ई संपर्क सेंटर जाने को कहा। कई दिनों से हम सभी बुजुर्ग पेंशन के लिए भटक रहे हैं। लेकिन हमारी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।

अटावा निवासी कमला को पिछले दस महीने से पेंशन नहीं मिली है।  वीरवार को भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। पेंशन लेने आए उज्जल सिंह विकलांग हैं। उन्हें बार बार आने में दिक्कत होती है।

लेकिन, उनकी इस परेशानी को कोई नहीं देखता है। सेक्टर 43 स्थित ई संपर्क सेंटर के सुपरवाइज़र राजेन्द्र ने बताया कि उन्हें दोपहर तीन बजे तक तो यही पता नहीं था कि पेंशन देनी कैसे है।

बाद में निर्देश मिले कि बुजुर्गों का लिस्ट में नाम चैक किया जाए उनकी फोटो खींची जाए और उंगलियों के निशान लिए जाएं और इसके बाद ही पेंशन दी जाए।

इस संबंध में समाज कल्याण विभाग के निदेशक राजेश जोगपाल ने कहा कि ऐसा नहीं है कि बुजुर्गों को पेंशन के लिए परेशान होना पड़ रहा है। फिर भी अगर इस तरह की दिक्कत आ रही है तो इसे चेक कराया जाएगा।
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