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CM खट्टर की अपील अनसुनी, आंदोलन जारी रखने पर अड़े जाट

Sat, 20 Feb 2016 07:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर जारी जाट आंदोलन खत्म कराने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को फिर से अपील की, लेकिन विभिन्न जाट नेताओं ने अपील को अनसुना कर आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। मुख्यमंत्री ने एक बयान जारी कर आंदोलनकारियों से अपील की कि सरकार ने उनकी मांगें मान ली हैं, इसलिए आंदोलन खत्म कर सभी लोग अपने घरों को लौट जाएं।
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उधर, जाट नेताओं ने कहा है कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार जाट समुदाय को ओबीसी में शामिल करने संबंधी अध्यादेश की घोषणा नहीं कर देती। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि जब तक सरकार जाटों को आरक्षण दिए जाने का अध्यादेश जारी नहीं करती, तब तक आंदोलन को समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मुंह जुबानी बयान मंजूर नहीं है।

प्रदेश सरकार पहले अध्यादेश लाए। इसके साथ ही मलिक ने प्रदेश सरकार से मांग की कि रोहतक में शुक्रवार को फायरिंग में मारे गए आंदोलनकारी युवक के परिजनों को 50 लाख रुपये की मुआवजा राशि दी जाए और उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। मलिक ने आरोप लगाया कि प्रदेश में आगजनी और हिंसा फैला रहे लोग जाट नहीं बल्कि भाजपा के वर्कर हैं।
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सैनी के बयानों से सहमत नहीं सरकार

इससे पहले शनिवार सुबह मुख्यमंत्री खट्टर ने एक बयान जारी कर कहा कि आंदोलनकारी अपने घरों को लौट जाएं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से किसी का भला नहीं होने वाला। आंदोलनकारी प्रदेश में शांति बनाए रखें।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील भी की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार सांसद राजकुमार सैनी के बयानों से सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी को भी ऐसी बयानबाजी नहीं करनी चाहिए, जिससे आपसी भाईचारे पर विपरीत असर पड़ता हो।
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