सामान्य अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी की वजह से हृदय रोग के मरीजों को वेंटिलेटर की सुविधा नहीं मिल रही है। पिछले करीब दो साल से अस्पताल की तीसरी मंजिल पर वेंटिलेटर तो हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों के नहीं होने की वजह से हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को पीजीआई या चंडीगढ़ के दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है।
अस्पताल को हाईटेक करने के लिए नई बिल्डिंग तैयार हो रही है, लेकिन उपकरण पहले से मौजूद होने के बावजूद डॉक्टर की नियुक्ति नहीं की जा रही है। अस्पताल में रोजाना हृदय रोग से संबंधित दो-पांच मरीज पहुंचते हैं।
इसके बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उधर, सीएमओ का कहना है कि स्पेशलाइज्ड डॉक्टरों की कमी है, लेकिन जल्द से जल्द वेंटिलेटर की सुविधा मुहैया करा दी जाएगी।