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जब डॉक्टर ही नहीं, तो कैसे होगा इलाज?

Tue, 13 May 2014 02:08 PM IST
आशीष वर्मा /अमर उजाला, चंडीगढ़
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जीएमसीएच-32 इस समय डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। मौजूदा समय में करीब 45 मंजूर पोस्टों पर एक भी डॉक्टर नहीं है। चार ऐसे विभाग हैं, जिनमें एक भी डॉक्टर नहीं है। कई विभागों में डॉक्टर कम हैं और मरीज ज्यादा।
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ऐसे में डॉक्टर मरीजों को ज्यादा समय नहीं दे पाते हैं। इसका सीधा खामियाजा मरीजों को झेलना पड़ रहा है। मरीज आते हैं और प्राथमिक उपचार कर उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया जाता है।

पीजीआई में भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें वहां भी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। चंडीगढ़ प्रशासन के हेल्थ विभाग की ओर से लगातार इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक पोस्ट भरने का काम पूरा नहीं हो पाया है।
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सबसे ज्यादा दिक्कत कार्डियों के मरीजों को

जीएमसीएच-32 में सबसे ज्यादा दिक्कत कार्डियो के पेशंट को आती है। यहां पर एक भी कार्डियोलॉजी नहीं है। प्राथमिक उपचार के लिए मेडिसिन के डॉक्टर तो रहते हैं, लेकिन स्पेशलिस्ट की कमी भी खलती है।

जब हालात बाहर होने लगते हैं तो उन्हें रेफर कर दिया जाता है। दूसरी तरफ यहां पर कैथ लैब बनाने पर काम चल रहा है। उसके लिए पीजीआई के डॉक्टर एस रेड्डी को एचओडी नियुक्त करने पर हरी झंडी दे दी गई लेकिन जब तक कैथ लैब नहीं तैयार होती, तब तक वे पीजीआई में ही रहेंगे।

कैथ लैब बनने में कम से कम छह महीने का समय तो लगेगा। संस्थान के डॉक्टर जीतराम डिग्री के लिए बाहर गए हुए हैं। सूचना है कि वे एक जुलाई को ज्वाइन करेंगे।

इन चार विभागों में नहीं है एक भी डॉक्टर

डिपार्टमेंट----------पोस्ट----------मंजूर पद------कितनी खाली
न्यूरोलॉजी-------एसोसिएट प्रोफेसर-------1----------1
असिस्टेंट प्रोफेसर-------1----------1
प्लास्टिक सर्जरी----एसोसिएट प्रोफेसर-----1---------1
असिस्टेंट प्रोफेसर-------1---------1
कार्डियोलॉजी -----एसोसिएट प्रोफेसर------1--------1
असिस्टेंट प्रोफेसर-------1--------1
वस्कुलर सर्जरी------एसोसिएट प्रोफेसर-------1--------1
                     असिस्टेंट प्रोफेसर--------1--------1

इन विभागों में आधी पोस्ट खाली

डिपार्टमेंट----------पोस्ट----------मंजूर पद----------कितनी खाली
फोरेंसिक मेडिसिन----प्रोफेसर----------1----------0
एसोसिएट प्रोफेसर---2----------2
असिस्टेंट प्रोफेसर----3----------1
यूरोलाजी डिपार्टमेंट--एसोसिएट प्रोफेसर---1----------0
असिस्टेंट प्रोफेसर-----1----------1
पीएमआर----------एसोसिएट प्रोफेसर----1----------1
                       असिस्टेंट प्रोफेसर-----1----------0
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ये कहते हैं डायरेक्टर

जिन विभागों में डाक्टर नहीं है, उनमें कांट्रैक्ट पर रखे गए डाक्टर मरीजों को देखते हैं। कई पोस्टों को भरने की मंजूरी मिल चुकी है। कोड आफ कंडक्ट हटते ही खाली पोस्टों पर डाक्टरों की नियुक्ति कर दी जाएगी।
-प्रोफेसर अतुल सचदेवा, डायरेक्टर जीएमसीएच 32
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