विधानसभा चुनाव की दहलीज पर बैठे भाजपा- हजकां गठबंधन के मसले पर एक दूसरे की पहल का इंतजार कर रहे हैं। भाजपा इस इंतजार में है कि कुलदीप अपनी तरफ से इनकार करें और हजकां इस इंतजार में है कि पहले भाजपा अपनी चाल चलें। शह और मात के खेल में नुकसान दोनों पार्टियों का होगा।
यह बात अलग है कि किसी का कम तो किसी का ज्यादा नुकसान होगा। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता कैप्टन अभिमन्यु ने गठबंधन की वकालत कर रहे हैं लेकिन यह संकेत भी दिए हैं कि गठबंधन टूटने के हालत में नुकसान हजकां का अधिक होगा। रही बात चुनाव की तो यह भाजपा की रणनीतिक विवशता है कि वह पुरानी शर्तों पर समझौता नहीं कर सकती।
जातिवादी राजनीति करने वाले दलों से सत्ता को दूर रखने के लिए भी गठबंधन जरूरी है। कैप्टन ने कहा कि भाजपा नहीं चाहती है कि गठबंधन टूटने की परिस्थितियां बने। उनका कहना है कि गठबंधन तीन वर्ष से ज्यादा चला है। हरियाणा की जनता के लाभ के लिए यह गठबंधन बनाया गया है। हम कुलदीप को मित्र के नाते रखना चाहते हैं।
पुरानी शर्तों पर समझौता संभव ही नहीं
अभिमन्यु ने कहा कि कुलदीप को यह सलाह दी है कि राजनीतिक हालात बदलने के कारण अब पुरानी शर्तों पर समझौता संभव नहीं है। यह हमारी रणनीतिक विवशता है कि हरियाणा भाजपा के कार्यकर्ता चाहते हैं कि मुख्यमंत्री भाजपा का बने। अब हमने गेंद कुलदीप के पाले में डाल दी है निर्णय उन्हें करना है।
एक तरफ दोस्ती, दूसरी तरफ मुलाकात से परहेज एक तरफ भाजपा के प्रदेश नेता हजकां सुप्रीमो को दोस्त बता रहे हैं। वहीं कुलदीप की अब तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात तक नहीं हुई है।
उन्होंने शाह से लंबे समय से मुलाकात करने के लिए समय मांगा है, लेकिन मुलाकात नहीं हुई। ऐसे में मंगलवार को कुलदीप ने दिल्ली में घोषणा पत्र की तैयारी भी शुरू कर दी है। संभावना जताई जा रही है कि इस बीच अमित शाह से उनकी मुलाकात हो सकती है।
गुमराह कर रहे हैं बिश्नोई : विज
भाजपा विधायक दल के नेता अनिल विज ने कहा कि कुलदीप राष्ट्रीय अध्यक्ष को चिट्ठी लिख कर गुमराह कर रहे हैं। वे हरियाणा में तो किसी नेता से बात करते नहीं हैं। केंद्रीय नेतृत्व भी हमारी बात को वरीयता देगा। अब उनके पास कोई दूसरा विकल्प है तो वे रखें।
हम अपनी शर्तें उनके सामने रख चुके हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कह चुके हैं कि भाजपा अकेले सरकार बनाने की हालत में है। हम तो चाहते हैं कि 2011 के समझौते के तहत गठबंधन कायम रहे। बाकी फैसला भाजपा को करना है। मंगलवार को भी कुलदीप जी दिल्ली में ही हैं।
जीतने वाले उम्मीदवारों को साथ लेकर बैठें कुलदीप
भाजपा पुरानी 45 सीटों पर हजकां के प्रत्याशी उतारने के लिए कतई सहमत नहीं है। कैप्टन अभिमन्यु ने संकेत दिए हैं कि कुलदीप जीतने वाले उम्मीदवारों को साथ लेकर बैठें तो समस्या का हल निकल सकता है।
यह कहना उचित नहीं है कि प्रदेश का नेतृत्व कुलदीप को प्रताड़ित कर रहा है। कैप्टन ने कहा कि स्टेट लीडरशिप को भरोसे में लेकर ही यह गठबंधन किया गया है।