भले ही सुखना 18 जनवरी को खोल दी जाएगी, लेकिन पर्यटक लेक में अगले दो माह तक बोटिंग का लुत्फ नहीं उठा पाएंगे। बोटिंग बंद करने का फैसला प्रशासन ने पोस्ट ऑपरेटिव सर्विलांस प्रोग्राम के तहत लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि जिस जगह पर बतखों को दफनाया गया है, गाइडलाइंस के मुताबिक कम से कम तीन महीने तक उस जगह पर लोगों की आवाजाही पर रोक रहती है। बता दें कि लेक के आइलैंड पर बतखों को दफनाया गया है।
यदि बोटिंग चालू होती है तो लोगों का आना-जाना वहां भी होगा। इसलिए एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है। जबकि, लेक के रेस्टोरेंट और दुकानें खुल जाएंगी। बर्ड फ्लू कंफर्म होने के बाद प्रशासन ने 18 दिसंबर को धारा 144 लगाकर सुखना लेक पर पर्यटकों के जाने पर रोक लगा दी थी। यह रोक एक महीने तक थी।