यूटी के एस्टेट ऑफिस की ओर से छह सेवाओं के लिए एफिडेविट की अनिवार्यता खत्म करने के बाद अब चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने अपनी 12 सेवाओं के लिए एफिडेविट देने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। एफिडेविट की अनिवार्यता को खत्म कर सेल्फ सर्टिफिकेशन को लागू कर दिया गया है।
इस एफिडेविट की जगह लोगों को सादे कागज पर अपनी फोटो के साथ सिर्फ डिक्लरेशन लिख कर देना होगा। अगर कोई गलत जानकारी देता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होगी। इस संबंध में सीएचबीके चेयरमैन बीएस भल्ला की ओर से बुधवार को आदेश जारी किए गए।
ध्यान रहे कि यूटी प्रशासन की ओर से सभी कार्यालयों और विभागों में सेल्फ सर्टिफिकेशन को लागू कर दिया गया है। इसके लागू होने के बाद अब लोगों को अपने आवेदन पत्र गजटेड अधिकारी से अटेस्ट नहीं कराना पड़ता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्र सरकार ने यूटी के प्रशासक को भेजे पत्र में सेल्फ सर्टिफिकेशन को लागू करने को कहा था। अभी चंडीगढ़ में 200 से ज्यादा ऐसी सेवाएं हैं, जिनके लिए लोगों से सत्यापित दस्तावेज लिए जाते हैं। इन सभी सेवाओं में अब लोगों को दस्तावेजों पर खुद ही अपने हस्ताक्षर कर उन्हें अटेस्ट करना होगा।
सीएचबी की इन सेवाओं के लिए एफिडेविट होगा खत्म
- लोन लेने के लिए एनओसी लेना
- डुप्लीकेट अलॉटमेंट लेटर या पोजेशन स्लिप लेना
- अर्नेस्ट मनी का रिफंड और एडवांस डिपॉजिट
- ब्लड रिलेशन में मकान या फ्लैट का ट्रांसफर
- प्रोबेटेड विल के आधार पर मकान या फ्लैट का ट्रांसफर
- जीपीए या सब जीपीए के नाम पर मकान या फ्लैट का ट्रांसफर
- नो ड्यू सर्टिफिकेट
- अलॉटी या रजिस्टर्ड एप्लीकेंट का निधन होने पर उस मकान या फ्लैट का ट्रांसफर जहां मरने से पहले अलॉटी ने विल न दी हो
- कन्वेयंस डीड का एक्जीक्यूशन
- सीएचबी के मकानों या फ्लैटों के प्लान में बदलाव की मंजूरी
- आपसी सहमति से मकान या फ्लैट का ट्रांसफर